एक साल पूरे होने पर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आज किसान संगठनों की ओर से ‘भारत बंद’ किया गया है। ‘भारत बंद’ का असर देश के कई हिस्सों में दिख रहा है, लेकिन आंध्र प्रदेश में इसकी पकड़ गुलाब तूफान के कारण ढीली है।

राज्य में सुबह से भारी बारिश की वजह से यहां पर बंद का असर नहीं दिख रहा है। लोग घरों से बाहर निकलने में असमर्थ हैं। भारी बारिश के कारण हड़ताल और रैलियों जैसी गतिविधियों को बाहर नहीं किया जा रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक, ओडिशा और आंध्र में आए चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ का काफी असर आंध्र प्रदेश पर देखने को मिल रहा है। श्रीकाकुलम के सभी तटीय जिलों में और रायलसीमा जिलों में भी चक्रवात के प्रभाव में कुछ स्थानों पर सुबह से ही भारी बारिश हो रही है।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा भारत बंद को गैर-एनडीए दलों की ओर से समर्थन मिल रहा है। अलग-अलग हिस्सों में इस बंद का असर है, लेकिन दक्षिण भारत में चक्रवात तूफान के कारण इसका असर कुछ ही राज्यों में दिख रहा है।

आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस सरकार ने बंद को समर्थन देते हुए आरटीसी बस सेवाओं को निलंबित और सोमवार को स्कूलों के लिए अवकाश भी घोषित कर दिया था। मुख्य विपक्षी दल तेलुगु देशम ने भी कांग्रेस और वाम दलों के साथ बंद का समर्थन किया।

हालांकि,आंध्र प्रदेश में रविवार से ही हो रही बारिश की वजह से हड़ताल के आह्वान के साथ-साथ रैलियों जैसी गतिविधियों पर ग्रहण लग गया।