केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों द्वारा सोमवार,27 सितंबर को भारत बंद बुलाया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बंद के दौरान पूर्ण शांति की अपील और सभी भारतीयों से हड़ताल में शामिल होने का आग्रह किया।

तकरीबन 40 किसान संगठन वाले संयुक्त किसान मोर्चा, ने रविवार को भारत बंद को लेकर एक बयान जारी कर कहा, ”27 सितंबर, 2020 को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने तीन किसान विरोधी काले कानूनों को मंजूरी दी और उन्हें लागू किया।

सोमवार को देश भर में सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद मनाया जाएगा।” बयान में आगे कहा गया कि “किसान यूनियन ने ट्रेड यूनियनों सहित, यह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत योजना बनाई है कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर देशभर में हड़ताल रहे।”

इसका समर्थन करते हुए कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ”किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद को कांग्रेस और उसके कार्यकर्ताओं का पूरी तरह से समर्थन हासिल है।”

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “हम अपने किसानों के अधिकार में विश्वास करते हैं और काले कृषि कानूनों के खिलाफ उनकी लड़ाई में हम उनके साथ खड़े रहेंगे।” इस भारत बंद का कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, टीडीपी, बीएसपी, लेफ्ट दल, स्वराज इंडिया, आंध्र प्रदेश और पंजाब सरकार आदि ने समर्थन किया है।

भारत बंद के इस ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने 15 डिस्ट्रिक्ट की पुलिस को अलर्ट पर रखा है। राज्य के बॉर्डर, नई दिल्ली के इलाकों में और लालकिले के आस-पास भारी पुलिस फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती रहेगी।

पुलिस का यह अरेंजमेंट सुबह 5 बजे से शाम में विरोध के खत्म होने तक रहेगा। दिल्ली पुलिस स्पेशल ब्रांच को इनपुट मिले हैं कि किसान, पॉलिटिकल पार्टी और छात्र बॉर्डर से पुलिस बैरिकेड तोड़कर जबरन दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं।

साथ ही दिल्ली मेट्रो और रेल को भी डिस्टर्ब किया जा सकता है। मेट्रो डीसीपी ने बताया कि बॉर्डर इलाके वाले मेट्रो स्टेशन और नई दिल्ली इलाक़े में आने वाले मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ और डीएमआरसी दिल्ली पुलिस के साथ अलर्ट पर रहेगी। बिजी मार्किट को जबरन बंद कराने के इनपुट भी स्पेशल ब्रांच को मिले हैं।

सुरक्षा के उपायों को देखते हुए राज्य के तमाम इलाकों में प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए वॉटर कैनन, बैरिकेड, और दंगा रोधी उपकरणों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी एसएचओ को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर अगर कोई भी संदिग्ध या भीड़ प्रदर्शन करती है तो फौरन हिरासत में ले सकते हैं। गाजियाबाद में किसान यूनियन के बंद के ऐलान को देखते हुए पुलिस ने पेरिफेरल, हापुड़ चुंगी, यूपी गेट, गाजीपुर बॉर्डर सहित कई मुख्य मार्गों और चौराहों पर रूट डायवर्ट करने का आदेश दिया है जिसे लेकर पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है। इसके अलावा, भारत बंद के इस आह्वान को देखते हुए हरियाणा सरकार भी सक्रिय है।

इसके ऊपर किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार को पहले ही सतर्क कर दिया गया था कि अगर किसानों की बात नहीं मानी गयी तो देश भर में ऐसे आंदोलन चलते रहेंगे।