संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा कश्मीर के मुद्दे पर बहकाने पर भारत ने राइट टू रिप्लाय के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए जवाब दिया। इसके लिए भारत की जूनियर महिला राजनयिक स्नेहा दुबे चुनीं गई जिन्होंने बड़े प्रभावी तरीके से पाकिस्तान और इमरान खान को आइना दिखाया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं।

स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए उसे आतंकवाद का हिमायती बताया। मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में पनाह देने और शहीद का दर्जा देने की बात भी कही।

राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान अपने घर में आतंकी सिर्फ इसलिए पालता है कि वह अपने पड़ोसियों को नुकसान पहुंचा सके। “हम सुनते रहते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद का शिकार है।

आग लगाने वाला पाक नकाब पहनकर खुद को फायर फाइटर बता रहा है।” स्नेहा दुबे ने तंज कसते हुए कहा। उनके इन जवाबों के बाद सोशल मीडिया पर #SnehaDubey ट्रेंड करने लगा और लोग इस महिला अधिकारी के बारे में सर्च करने लगे।

निजी जिंदगी के बारे में बात करें तो वह 2012 बैच की महिला अधिकारी हैं। उनकी स्कूली शिक्षा गोवा में और उच्च शिक्षा पुणे से पूरी हुई। उसके बाद उन्होंने फिर दिल्ली स्थित जेएनयू में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से एमफिल किया।

स्नेहा अपने परिवार से पहली हैं जो सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। उनके पिता एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करते हैं और मां स्कूल में पढ़ाती हैं। स्नेहा के भाई बिजनेस करते है। 2011 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पहले ही प्रयास में पूरी कर ली थी।

विदेश सेवा के लिए चुने जाने के बाद स्नेहा दुबे की पहली नियुक्ति विदेश मंत्रालय में हुई जहां से फिर अगस्त 2014 में उन्हें भारतीय दूतावास मैड्रिड भेजा गया। अभी वह संयुक्त राष्ट्र में फर्स्ट सेक्रेटरी हैं।

स्नेहा का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ हो रही है जिसे लेकर अधिकांश यूजर्स का कहना है कि राजनयिक ने कम उम्र और कम अनुभव होने के बाद भी पाकिस्तान को बड़ी सटिकता से जवाब दिया।