दिल्ली में कथित तौर पर देश का पहला स्मॉग टावर लगाया गया। इसका उद्घाटन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 23 अगस्त को किया। उद्घाटन के अलावा पूरी दिल्ली में इससे संबंधित बैनर और होर्डिंग भी लगाए गए जिसमे लिखा गया कि दिल्ली में देश का पहला स्मॉग टावर लगाया गया है।

अब भी यह होर्डिंग कई जगहों पर जस के तस लगे हुए नजर आते हैं। हालांकि हैरानी की बात यह है कि यह टावर उद्घाटन के बाद भी शुरू नही हो सका है।


मीडिया रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक टावर की टेस्टिंग चल रही है जो इस माहीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद अक्टूबर महीने से यह टावर शुरू कर दिया जाएगा।

हालांकि इस टॉवर से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमे दिखाया गया है कि अभी तक इसमें एयर प्यूरीफायर फ़िल्टर तक नही लगाए गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उद्घाटन को लेकर ऐसी भी क्या हड़बड़ी थी?

दूसरा बड़ा सवाल यह है कि अगर फ़िल्टर ही नही लगे तो टेस्टिंग कैसे हो रही?
आइये पहले सवाल का जवाब बता देते हैं। दरअसल दिल्ली में दो स्मॉग टावर बनाये जा रहे थे। एक कनॉट प्लेस में दिल्ली सरकार की तरफ से जबकि दूसरा आनंद विहार में केंद्र सरकार की तरफ से।

केंद्र सरकार की तरफ से लगाया गया टावर पूर्ण रूप से बन कर तैयार था और उसका उद्घाटन भी अगस्त महीने में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया था। अब यह टावर हवा साफ करने के काम आ रहा है।

अब जवाब इसी बात में है कि केजरीवाल सरकार ने सबसे पहला स्मॉग टावर बताने और क्रेडिट लेने की हड़बड़ी में आधे-अधूरे स्मॉग टावर का उद्घाटन तो कर दिया लेकिन अब भी यह जनता के किसी काम का नही है। खैर उम्मीद है जल्द ही यह टावर शूरू हो सकेगा।