बॉलीवुड के मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर की कविता ‘मुझे कॉल करना’ पर विवाद हुआ है जो 2018 में आई उनकी किताब ‘मेरी फितरत है मस्ताना’ में छपी थी। मुंतशिर की इस कविता को लेकर लोगों का कहना है कि यह 2007 में आई रॉबर्ट जे लेवरी की किताब ‘लव लॉस्ट, लव फाउंड’ की कविता ‘काॅल मी’ का हिंदी अनुवाद है।

दोनों कविताओं में बेहद समानता होने के कारण मुंतशिर को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा है। साथ ही इसे अनैतिक कार्य बताते हुए आलोचना भी की जा रही है।

ट्रोल का जवाब देते हुए मनोज मुंतशिर ने ट्वीट करते हुए लिखा “200 पन्नों की किताब और 400 फ़िल्मी- ग़ैर फ़िल्मी गाने मिलाकर सिर्फ़ 4 लाइनें ढूँढ पाए? इतना आलस? और लाइनें ढूँढो, मेरी भी और बाक़ी राइटर्स की भी। फिर एक साथ फ़ुरसत से जवाब दूँगा। शुभ रात्रि!”

कविता के बाद अब उन पर केसरी फिल्म का गाना ‘तेरी मिट्टी’ भी 2005 के पाकिस्तानी गाने से कॉपी करने का आरोप लग रहा है। इस आरोप पर राइटर का कहना है कि, “जो मुझ पर इल्जाम लगा रहे हैं वो कृपया जाकर देख लें कि वो वीडियो हमारी फिल्म केसरी रिलीज होने के कई महीनों बाद अपलोड की गई है।

और आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि सिंगर पाकिस्तानी नहीं बल्कि भारतीय फोक सिंगर गीता रबारी हैं। आप उन्हें कॉल करके भी चैक कर सकते हैं।” मनोज ने साफ किया कि वो रबारी को पर्सनली जानते हैं और वो हमेशा से ही उनके काम का सम्मान करती हैं।

अचानक खुद पर ऐसे आरोप लगने को लेकर उन्होंने सफाई दी कि “लोग मुझे अटैक कर रहे हैं क्योंकि मैंने मुगलों के खिलाफ एक वीडियो बनाई थी जिसमें मैंने उन्हें ग्लोरीफाइड डकैत बताते हुए कई मजबूत शब्दों का इस्तेमाल किया है।”

मनोज मुंतशिर ने आगे कहा कि “अगर किसी को उनके यूट्यूब वीडियो या फिर इतिहास को दोबारा सही तरह से बताने से दिक्कत है, तो वह उनसे बहस कर सकता है। अपनी वजहें सामने रख सकता है। लेकिन किसी ऐसे गाने की बेइज्जती न करें जो सशस्त्र बलों के लिए एक एंथम बन चुका है।”

दावा पेश करते हुए मुंतशिर ने यहां तक कहा कि “अगर यह साबित हो जाए कि मैंने ‘तेरी मिट्टी’ को किसी और गाने से कॉपी किया है तो मैं हमेशा के लिए लिखना छोड़ दूंगा।”