पंजाब के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार रहे सुनील जाखड़ की रात में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी के साथ करीब 25 मिनट तक बैठक हुई थी जिसके बाद वह प्रियंका और राहुल गांधी के साथ एक ही विमान में दिल्‍ली चले गए।

इससे पंजाब क‍ांग्रेस को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई ह‍ैं। उन्हें शिकवा यह है कि उनका नाम सबसे आगे चलने के बावजूद चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना दिया गया। ऐसे में अब पंजाब कांग्रेस का घमासान जल्दी थमता नहीं दिख रहा।

हरीश रावत के बयान से नाराज होकर पूर्व पीपीसीसी प्रधान दिल्ली रवाना हुए हैं। दरअसल,चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद हरीश रावत ने बयान दिया था कि अगले चुनाव में नवजोत सिद्धू पार्टी का चेहरा होंगे।

इस पर पूर्व पार्टी प्रधान सुनील जाखड़ ने कड़ा विरोध जताते हुए सिद्धू के नेतृत्व में लडे़ जाने पर सवाल खड़े कर दिए। जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत चन्नी के शपथ ग्रहण के दिन ही रावत का यह बयान चौंकाने वाला है।

यह मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर करने वाला बयान है। उनके चयन को नकारता है। इसी बीच जाखड़ के भतीजे अजयवीर जाखड़ ने पंजाब किसान आयोग के पद से इस्तीफा दे दिया है। जाखड़ पहले कांग्रेस अध्यक्ष का पद और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी चले जाने से खुद की फजीहत हुई मान रहे हैं।

इसी को लेकर उन्होंने खुद को मीडिया के समक्ष जाहिर किया और बिना नाम लिए अंबिका सोनी पर हमलावर भी हो गए थे।

विवाद बढ़ता देख कांग्रेस के आलाकमान को इस जंग में कूदना ही पड़ा। राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने हरीश रावत से बात की है, रावत ने उन्हें बताया कि मीडिया उनके बयान को ठीक ढंग से नहीं समझ पाया।

इसलिए मैं इस बात को दोहराता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू हैं। दोनों नेता सब नेताओं के साथ मिलकर पंजाब का चुनाव लड़ेगे। यही वास्तविकता और सत्य है।