एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे का ऐलान क‍िया है, ज‍िसकी शुरुआत वह अयोध्या जिले से करेंगे। प्रदेश में आने से पहले गुरुवार को एआईएमआईएम ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें अयोध्या को फैजाबाद बताया गया है।

अब इसे लेकर राजनीति शुरू है। माना जा रहा है कि इससे ओवैसी यह मैसेज देना चाहते हैं क‍ि उनको और उनकी पार्टी को अयोध्या को फैजाबाद कहना ज्‍यादा पसंद हैं। इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख ने अयोध्‍या व‍िवाद पर बयान भी दिया जिसमें उन्होंने कहा क‍ि “हम ये ही बोलते रहेंगे कि वहां (अयोध्या) मस्जिद थी जिसे 6 दिसंबर 1992 को बीजेपी और संघ परिवार ने शहीद किया।

अगर मस्जिद शहीद नहीं होती तो सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय कुछ और आता।” ओवैसी का कहना है कि वह अगले साल होने वाले यूपी चुनाव के मद्देनजर 7 सितंबर को फैजाबाद का दौरा करेंगे।

तारीखें घोषित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं 7 सितंबर को फैजाबाद और 8 सितंबर को सुल्तानपुर और 9 सितंबर को बाराबंकी का दौरा करूंगा। आने वाले दिनों में हम योगी सरकार को हराने के लिए आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के और क्षेत्रों का दौरा करेंगे।”

हालांकि इस खबर के सामने आते ही ट्विटर पर यूजर्स और भाजपा की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई। ​एक यूजर ने लिखा, “ओवैसी यूपी योगी को हराने नहीं जिताने जा रहे हैं। यूपी के मुस्लिमों को ओवैसी को जवाब देना चाहिए।”

वहीं, एक दूसरे यूजर ने भी यही पूछा, “आप योगी को हराने जा रहे हैं या उनकी मदद करने जा रहे हैं?” एक अन्य ने लिखा, “चचा,अब फैजाबाद जैसा कुछ नहीं है,अब केवल प्रभु राम की अयोध्या है।”

उधर, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने ओवैसी के दौरे पर तंज कसते हुए कहा क‍ि “ये सब (ओवैसी) लोग अपने क‍िए गए गुनाहों का प्रायश्‍च‍ित करने के ल‍िए प्रभु श्रीराम के दरबार में जा रहे हैं। वहां जाकर वे माफी मांगेंगे। क्‍योंक‍ि मंदिर न‍िर्माण में सबसे बड़े रोड़ा यही सब बने रहे।”