दिल्ली मेट्रो ने ट्रांसजेंडर यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों पर टॉयलेट की सुविधा प्रदान करने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मेट्रो स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों के लिए बनाए गए इन शौचालयों का इस्तेमाल अब ट्रांसजेंडर यात्री भी कर सकेंगे।

मेट्रो स्टेशनों पर ट्रांसजेंडरों के खिलाफ लैंगिक भेदभाव को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इसके अलावा जो ट्रांसजेंडर यात्री स्व-पहचान के अनुसार महिलाओं या पुरूषों के लिए बने शौचालय का उपयोग करना चाहते हैं, वे ऐसा करना जारी रख सकते हैं।

डीएमआरसी ने ट्वीट कर बताया कि दिल्ली मेट्रो ने ट्रांसजेंडर यात्रियों को अपने स्टेशनों पर अलग शौचालयों के इस्तेमाल की अनुमति देने का प्रावधान किया है, जो अब तक केवल दिव्यांगजनों के लिए थे।

दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रांसजेंडरों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करने और लैंगिक भेदभाव को रोकने के अपने प्रयासों में दिल्ली मेट्रो ने प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों के लिए बने अपने मौजूदा शौचालयों को अब ट्रांसजेंडरों के लिए भी सुलभ कर दिया है।

बताया गया कि फिलहाल दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों पर ऐसे 347 शौचालय हैं। इनके बाहर अब ‘दिव्यांगजन’ और ‘ट्रांसजेंडर’ के प्रतीकों के साथ द्विभाषी संकेत (अंग्रेजी और हिंदी दोनों) में बोर्ड लगाए गए हैं जिसके बाद अब कोई भी ट्रांसजेंडर इन शौचालयों का इस्तेमाल कर सकता है।

वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल निगम के फेज चार के मेट्रो काॅरिडोर के स्टेशनों पर ट्रांसजेंडर के लिए बिल्कुल अलग शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इससे मेट्रो स्टेशन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की सुविधा के अनुकूल हो सकेंगे।

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 22 के प्रावधान भी सार्वजनिक शौचालय सुविधाओं सहित सभी सार्वजनिक भवनों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए पर्याप्त कल्याणकारी उपायों को अनिवार्य बनाते हैं।