दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए स्किल टेस्ट और वाहन फिटनेस से सम्बंधित सेवाओं के अलावा बाकी सभी सेवाओं को फेसलेस सिस्टम में दायरे में लाने की शुरुआत की है जिसके तहत 11 अगस्त यानी आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिवहन विभाग के इस नए सिस्टम को लॉन्च किया। इसके तहत घर बैठे परिवहन विभाग की लगभग 33 सेवाएं मिलेंगी जिनमें ड्राइविंग लाइसेंस भी शामिल है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज इस योजना को लॉन्च करते हुए कहा कि ये ऐतिहासिक दिन है क्योंकि ये वो काम है जो 21वीं सदी के भारत की बात करते हैं। फेसलेस सिस्टम की शुरुआत के बाद लाइसेंस रिन्यूअल, ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप, लाइसेंस में एड्रेस चेंज, डुप्लीकेट लाइसेंस या आरसी जैसी सेवाएं अब घर बैठे मिल सकेंगी और डॉक्युमेंट्स अपलोड भी किए जा सकेंगे। मौजूदा सिस्टम के मुताबिक लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदक को आरटीओ दफ़्तर आना अनिवार्य होता है। फेसलेस स्कीम की शुरुआत के बाद आवेदक को केवल परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने और गाड़ी की फिजिकल टेस्टिंग के लिए ही आना होगा। इन सेवाओं की शुरुआत के मद्देनजर दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने दिल्ली के 4 एमएलओ ऑफिस (मोटर लाइसेंसिंग ऑफिसर) को बन्द करने का आदेश जारी किया है। ये चारों दफ्तर 11 अगस्त की दोपहर से बन्द कर दिए जाएंगे। हालांकि आदेश में कहा गया है कि इन ज़ोन में तैनात स्टाफ की दोबारा बहाली की जाएगी।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि “पहले लोगों को दलालों के पास जाकर इस तरह की सुविधाएं लेनी पड़ती थी। हमारी सरकार आने के बाद इस फील्ड में कई तरह के अहम फैसले लिए गए।”

“ये तकनीक और आधुनिकता कि दिशा में बहुत बड़ा कदम है। अब आप घर बैठे कंप्यूटर खोलकर परिवहन विभाग के सारे काम करा सकते हैं। कोई कागज, फाइल, लाईन या छुट्टी लेने और बिचौलियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने इसे दूसरा क्रांतिकारी कदम बताने के साथ कहा कि “सुबह 10:30 बजे दिल्ली के शिक्षा विभाग ने, शिक्षा का एक अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड है जिसके साथ करार के लिए स्कूल, सरकारें बहुत लालायित रहती हैं, हमने उनके साथ एग्रीमेंट किया है। अब केवल ड्राइविंग टेस्ट देने और गाड़ी की फिटनेस चेक कराने के लिए आपको परिवहन विभाग में आना पड़ेगा। परिवहन विभाग से ये काम शुरू हुआ है। अब सारे विभागों के अंदर सबकुछ ऑनलाइन कर दिया जाएगा।”