दिल्‍ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में सभी साप्ताहिक बाजारों को 9 अगस्त यानी सोमवार से फिर खोलने का फैसला लिया है। इन बाजारों में जानेवालों को और व्यापारियों को सख्ती के साथ कोरोना नियमों का पालन करना होगा। दिल्‍ली सरकार का मानना है कि साप्‍ताहिक बाजार लगाने वाले लोग गरीब होते हैं और उनकी आजीविका भी महत्‍वपूर्ण है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में 19 अप्रैल को लागू लॉकडाउन के कारण साप्ताहिक बाजार बंद कर दिए गए थे। बाद में हर निगम क्षेत्र में एक साप्ताहिक बाजार को कोविड उपयुक्त व्यवहार और आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने के साथ खोलने की अनुमति दी गई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को यह जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इन बाजारों से जुड़े गरीबों की आजीविका को लेकर चिंतित है और लोगों से अपील की कि कोविड उपयुक्त व्यवहार का अनुसरण करें। उन्होंने ट्वीट कर बताया, “सोमवार से साप्ताहिक बाजार खोले जा रहे हैं। ये गरीब लोग हैं। सरकार उनकी आजीविका को लेकर काफी चिंतित है। बहरहाल, हर किसी का स्वास्थ्य एवं जीवन भी महत्वपूर्ण है। मैं हर किसी से अपील करता हूं कि इन बाजारों के खुलने के बाद कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाएं।”

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने शनिवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) से मॉल और बाजारों में रात 10 बजे तक कामकाज की अनुमति देने का अनुरोध किया था। इन बाजारों को फिलहाल रात आठ बजे तक संचालित करने की अनुमति है। सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने दिए एक बयान में कहा, “अगस्त के महीने में हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस, रक्षा बंधन और जन्माष्टमी जैसे कई त्योहार हैं। इस दौरान व्यापारियों को अच्छा कारोबार होने की उम्मीद तो है, लेकिन रात आठ बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति नाकाफी साबित हो रही है। अगर बाजारों को खोलने की अवधि बढ़ जाती है तो लोग आराम से खरीदारी कर सकेंगे।”

उधर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली ईकाई के नेताओं ने भी शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के पास प्रदर्शन किया और कोविड की दूसरी लहर के दौरान बंद हुए सभी साप्ताहिक बाजारों को फिर से खोलने की अनुमति देने की मांग की थी। कोरोना के मामले में शुक्रवार को दिल्ली में इसके 44 मामले सामने आए थे, वहीं शनिवार को इसकी रफ्तार तेजी से बढ़ी और 72 नए मामले सामने आए। दिल्ली में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 25,066 हो गई है जिसमें शुक्रवार को पांच रोगियों की मौत की जानकारी मिली थी और संक्रमण दर 0.06 फीसदी थी। तो वहीं, गुरुवार को संक्रमण के 61 नए मामले सामने आए थे और संक्रमण दर 0.08 फीसदी थी और दो रोगियों की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में ये जानकारियां दी गई हैं।