उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चार महीनों की सत्ता संभालने के बाद शुक्रवार को अपना इस्तीफा दिया है। शुक्रवार की देर रात 11 बजे मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों के साथ राजभवन पहुंचकर, गवर्नर बेबी रानी मौर्य को संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए इस्तीफा पेश किया।

इस्तीफा देने के बाद मीडिया के लोगों से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा इस पद के काबिल समझे जाने के लिए आभार व्यक्त किया। “संवैधानिक संकट को देखते हुए इस्तीफा पेश करना मुझे बिल्कुल सही लगा” उन्होंने कहा। इस्तीफा देने के एक घंटे पहले ही वह तीन दिनों के दिल्ली दौरे से वापस देहरादून लौटे थे।

पद पर बने रहने के संकट और असमंजस को देखते हुए एक महीने में उनका यह तीसरा दिल्ली दौरा था। हालांकि चुनावों को देखते हुए नैनीताल में हुए तीन दिन के ‘चिंतन बैठक’ के बाद रावत को दिल्ली बुलाए जाने पर मुख्यमंत्री बदलने जाने के बारे में अटकलें पहले ही तेज़ हो गई थी।

रावत ने भाजपा के और भी कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। आज देहरादून में बीजेपी विधायक दल के बैठक में नए नेता का चुनाव होगा। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम,विधान मंडल के नए नेता के चुनाव के समय मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री के इस पद के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, सतपाल महाराज, धन सिंह रावत और भाजपा के राज्यसभा के एमपी अनिल बलूनी का नाम दौड़ में शामिल है।