राजद में शामिल होने के चर्चाओं के बीच जद(यू) के पूर्व विधायक मनजीत सिंह ने जद(यू) पार्टी में ही बने रहने की बात कही है। उन्होंने नीतीश कुमार से मीटिंग में मिलकर सारी हिचक और नाराजगी दूर हो जाने की बात कही।

मीडिया के लोगों से रूबरू होते हुए उन्होंने बताया कि पार्टी द्वारा बगल में कर दिए जाने के कारण उनके मन में नाराजगी आ गई थी। साथ ही बैकुंठपुर सीट से बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में टिकट ना मिलने के कारण वह दुखी भी थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उन्होंने खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के मंत्री लेसी सिंह से भी मुलाकात की। “नीतीश कुमार ने मुझे पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने की सारी स्थिति अच्छे से समझाई। इसके बाद मेरे मन में कोई नाराजगी नहीं बची है।”

उन्होंने कहा। “एनडीए में सीटों के बंटवारे के वक्त बैकुंठपुर की सीट भाजपा के कोटे में चली गई थी।” बातचीत करते वक्त उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा कही गई यह बात सामने रखी। उन्होंने नीतीश कुमार को राजनीति में अपने पिता के जैसा बताया, साथ ही और लगन और मेहनत से काम करने की बात भी स्वीकारी। “समता पार्टी के दिनों से ही मैं पिछले 25 वर्षों से लगातार जद(यू) के साथ जुड़ा हुआ हूं।

अब मेरे मन में कोई भी हिचक नहीं है।” उन्होंने कहा। मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि मनजीत सिंह के पार्टी से जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। नीतीश कुमार और उनके बीच पारिवारिक संबंध है और कोई भी पारिवारिक संबंध हमेशा राजनीतिक संबंधों से ऊपर रहता है। बता दें कि मनजीत सिंह 3 जुलाई को राजद में शामिल होने वाले थे।

इसी लेकर नीतीश कुमार ने लेसी सिंह और जयकुमार सिंह को उनके राजद में शामिल ना होने और मनाने के लिए गोपालगंज भेजा था। राजद में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि “मैं तेजस्वी यादव से मिलने और उन्हें लोहिया और जेपी की किताब भेंट करने गया था।” वह जद(यू) में वापस लौटने को लेकर आश्वस्त है।