उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में 40 साल के दूल्हे को 12 साल की दुल्हन के साथ शादी करने के मामले में 10 बारातियों समेत जेल की हवा खानी पड़ी। 40 साल के दूल्हे के साथ शादी करने के मामले में पुलिस मानव तस्करी के कोण से भी जांच करने‌ में जुटी है।

घटना गुरुवार के दिन मिर्जापुर के लालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत घाट बिजरी गांव से आई है। कुछ स्थानीयों द्वारा गुपचुप तरीके से सूचित किए जाने के बाद डीपीओ और पुलिस मौके पर पहुंची। शादी की रस्मों को बीच में ही रोककर दूल्हे और बारातियों को हिरासत में ले लिया गया।

लड़की आठवीं कक्षा की छात्रा बताई जा रही है। शादी के जरिए लड़की वालों को 1 लाख रुपये मिलने थे जिसकी वजह से माता-पिता अपनी नाबालिग बेटी की शादी करा रहे थे। शक तब गहराया जब लड़की के आदिवासी समाज से कोल जाति के होने की बात पता चली।

वहीं लड़का,जिसका नाम पूछताछ में भानु शुक्ला बताया गया, ब्राह्मण समाज का था। ऐसे में ब्राह्मण और आदिवासी समाज के बीच रिश्ता होने की बात आम नहीं थी। डीपीओ अफसर शक्ति त्रिपाठी के बताए अनुसार दूल्हा और बाराती सीतापुर जनपद के निवासी थे जो कि उत्तर प्रदेश और नेपाल बॉर्डर के करीब है। इसी को देखते हुए मानव तस्करी के नजरिए से भी जांच करने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। ज्ञात हो कि प्रोबेशन अफसर आरोपी के मन की बात और चिंता को समझने के बाद उसकी मदद करके उसे समाज के लिए एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करते हैं।