लखनऊ और रायबरेली पुलिस ने गुरुवार की देर रात 2 बजे हुसैनगंज के लाल कुआं स्थित एफआई टावर ढींगरा अपार्टमेंट में मुनव्वर राना के फ्लैट पर छापा मारा।

यह छापेमारी शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज को गिरफ्तार करने के लिए थी। इसके बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने घर में जमकर तांडव किया और सभी के मोबाइल फोन छीन लिए। अभद्रता का आरोप लगाते हुए मुनव्वर राना और उनकी बेटी, फौजिया राना ने पुलिस के प्रति नाराजगी दिखाई।

छापेमारी के बाद शायर ने एक वीडियो जारी कर इसे दूसरे बिकारू कांड करने की तैयारी से जोड़ा। उन्होंने बताया कि,”जब पुलिसकर्मियों से वारंट के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझ से हटने के लिए कह दिया। मैं कैसे हट जाऊं? वह मेरा बेटा है।

मेरी यही बड़ी गलती है कि मैंने उसे पैदा किया।” मुनव्वर राना ने इसे पुलिस की गुंडागर्दी कहते हुए बताया कि इनमें से कोई उन्हें मार ही देगा और ना मारे तो भी इन हालातों में वह मर ही जाएंगे। आरोपों के मुताबिक सवालों का कोई भी जवाब ना देते हुए पुलिस सिर्फ़ घर की तलाशी लेते रहे।

ऐसे में पुलिस वालों ने रास्ता रोककर ना मीडिया को आने दिया और ना ही वकीलों को। वीडियो के जरिए बेटी, फौजिया राना ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि, “हमें और मेरे बीमार पापा को बहुत परेशान किया जा रहा है।

प्रशासन हम से बदला ले रही है। बिना वारंट के पुलिस घर के अंदर घुसकर लाइब्रेरी की तलाशी लेने लगी और पापा को बाहर बैठा दिया।” 16 वर्षीय बेटी का फोन जब्त करने पर उन्होंने कहा कि, “मेरी बेटी के कई फोटोज़ और पर्सनल चीज़ें उसमें है। पुलिस ऐसे कैसे फोन लेकर जा सकती है ?”

तबरेज से जुड़ा मामला यह है कि 28 जून को वह अपनी कार से त्रिपुला चौराहे के पास स्थित पेट्रोल पंप से डीजल लेकर निकल रहा था तभी बाइक पर सवार दो युवकों ने कार पर फायरिंग शुरू कर दी। जब तक वह अपनी लाइसेंसी गन लेकर नीचे उतरा तब तक नकाबपोश भाग चुके थे। अब इस मामले को फर्जी बताते हुए पुलिस ने तबरेज पर प्रतिद्वंदी को फंसाने और तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाया है।