लालू प्रसाद यादव इन दिनों जेल से बाहर हैं। वह जमानत पर हैं और दिल्ली स्थित मीसा भारती के आवास पर रह रहे हैं। यूँ तो लालू राजनीति से दूर हैं लेकिन ट्विटर और सोशल मीडिया के जरिये वह राजनीतिक मामलों और मुद्दों पर अपनी राय रखते रहते हैं। खास कर बिहार सरकार पर हमला बोलने का वह कोई मौका नही चूकते हैं। लालू के यह ट्वीट्स और राजनीतिक सक्रियता बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को पसंद नही आई।


सुशील मोदी ने लालू के ट्वीट्स और सक्रियता पर आपत्ति जताते हुए न सिर्फ उन्हें सलाह दे डाली बल्कि सीबीआई से भी उनपर नजर रखने की अपील कर दी। सुशील मोदी ने लालू को सलाह देते हुए एक ट्वीट में लिखा,’जमानत मिलने का सबसे अच्छा उपयोग यही होगा कि लालू प्रसाद पटना में राबड़ी देवी को साथ लेकर कोरोना का टीका लें। इससे गरीबों ग्रामीणों के बीच वैक्सीन को लेकर संशय दूर होगा और टीकाकरण की गति बढेगी।’


इससे पहले एक अन्य ट्वीट में सुशील मोदी ने लिखा,’लालू प्रसाद ने भाजपा विधायक को तोड़ने और बनने के समय ही एनडीए सरकार को अस्थिर करने की नाकाम कोशिश तो फोन पर ही की थी। भ्रष्टाचार के मामले में लंबी सजा के कारण वे मुखिया का भी चुनाव नहीं लड़ सकते। जमानत उन्हें स्वास्थ्य के आधार पर मिली है, राजनीति के लिए नहीं।वे जेल में रह कर या जमानत मिलने पर वर्चुअल माध्यम से यदि राजनितिक गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो इस पर सीबीआई को संज्ञान लेना चाहिए।’