गाजियाबाद से आए वीडियो में बुजुर्ग की दाढ़ी काटने के मामले में समाजवादी पार्टी के नेता उम्मेद पहलवान इदरीस पर उत्तर प्रदेश की पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 3(2) के तहत कार्यवाही शुरू कर दी है। फेसबुक लाइव पर अब्दुल समद के साथ दिखाई देने के बाद गाजियाबाद की पुलिस में इदरीस को कथित तौर पर सांप्रदायिक हिंसा और नफरत फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

अब्दुल समद ने आरोप लगाते हुए कहा था कि पुरुषों के एक समूह ने उसे पीटा और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया था। हालांकि बाद में पुलिस ने इस घटना में किसी भी सांप्रदायिक कोण की बात होने से इनकार कर दिया था। गाजियाबाद पुलिस के अनुसार इदरीस के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लगाने की रिपोर्ट को गृह मंत्रालय द्वारा उचित मंजूरी दे दी गई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम,1980 की धारा 3(व्यक्तियों को हिरासत में लेने की शक्ति) लागू की है। अब्दुल समद के आरोप के मुताबिक आरोपियों ने उसे ऑटोरिक्शा में बिठाया और एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उसकी पिटाई की और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया।

हालांकि पुलिस का मानना है कि आरोपियों द्वारा की गई पिटाई इस बात पर थी कि अब्दुल समद ने उन्हें जो ताबीज़ बेचा था वह काम नहीं कर रहा था। परिवार ने ताबीज बेचने की बात को खारिज करते हुए अब्दुल समद को बढ़ई बताया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवेश गुर्जर, आदिल और कल्लू के रूप में हुई है।

मामले के बारे में बता दें कि 5 जून को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के अनूपशहर निवासी अब्दुल समद के साथ, पाकिस्तानी जासूस बता, दाढ़ी काटने और मारपीट की घटना हुई थी। लोनी बॉर्डर पुलिस ने 7 जून को केस दर्ज कर लिया था।

घटना के बाद लक्ष्मी गार्डन लोनी निवासी समाजवादी पार्टी के नेता उम्मेद पहलवान इदरीस ने फेसबुक लाइव कर पीड़ित बुजुर्ग के साथ भड़काऊ वीडियो डाली थी। इस पर पुलिस ने केस दर्ज करके इदरीस को 19 जून को गिरफ्तार कर लिया था जो कि अभी तक जेल में बंद है।