लोक जनशक्ति पार्टी(लोजपा) के नेता चिराग पासवान ने पारिवारिक उठापटक के बाद बिहार स्थित पार्टी की बागडोर बनाए रखने के लिए गुजरात के अहमदाबाद का दौरा किया। रात के समय एयरपोर्ट के बाहर पत्रकारों द्वारा पूछे गए किसी बड़े भाजपा के नेता से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका यह दौरा निजी काम के लिए था।

सूत्रों के अनुसार अपने गुजरात दौरे के दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी के करीबी भाजपा नेता से मुलाकात और लंबी बातचीत की है। दोनों में अभी क्या बातचीत हुई है यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी में उनका विश्वास कायम है, लेकिन लोजपा को अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में इस आधार पर निर्णय लेना होगा कि कौन साथ खड़ा है और कौन नहीं।

ज्ञात हो कि लोक जनशक्ति पार्टी के स्थापक और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान को हाल ही में उनके चाचा और हाजीपुर से एमपी,पशुपति कुमार पारस द्वारा पार्टी अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। दिए गए एक बयान में चिराग पासवान ने कहा था कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके और चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच चल रहे विवाद में भाजपा हस्तक्षेप करके मामले का हल निकालती।

“उनकी चुप्पी ने दुखी किया है… मैं और मेरे पिता,रामविलास पासवान हमेशा भाजपा के साथ ‘चट्टान’ से खड़े रहे लेकिन ऐसे कठिन समय में भाजपा की तरफ से कोई साथ नहीं मिला” चिराग ने कहा। उन्होंने हाल ही में अपने पिता के जन्मदिन,5 जुलाई, के अवसर पर हाजीपुर से बिहार तक की “आशीर्वाद यात्रा” निकालने की घोषणा की है।

यह भी बता दें कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान को अपने साथ आने का न्योता दिया था जिसके बाद चिराग पासवान ने उन्हें अपने छोटे भाई जैसा बताया। हालांकि गुजरात दौरे के इस मुलाकात के बाद सियासी अटकलें तेज हो गई है की चिराग पासवान का रुख किस तरफ है।