अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में लोगों की समस्याएं सुनते वक्त राजद नेता तेजस्वी यादव आक्रोश में आ गए और बयान में कहा कि अगले तीन महीनों में बिहार में जद(यू) की सरकार गिर जाएगी। वह काफी दिनों बाद दिल्ली से पटना लौटे हैं। इस दिए गए बयान में नेता प्रतिपक्ष लगातार घिरते जा रहे हैं और उनकी इस भविष्यवाणी वाले बयान पर बिहार में सियासत तेज हो गई है।

जद(यू) के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि बिहार में जद(यू) की सरकार अगले पांच साल तक ऐसे ही टिकी रहेगी और इससे पहले कोई भी इसे गिरा नहीं सकता। तेजस्वी यादव के काम करने के तरीकों पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे में वह अभी तो क्या भविष्य में भी कभी बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बन सकते।

कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार की जनता ने चुना है और उनके नेतृत्व में सरकार बेहतर ढंग से अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहने के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अगर तेजस्वी यादव जद(यू) के विधायकों से संपर्क में होने का दावा करते हैं तो यह भी जान लें कि राजद के भी कई विधायक उनके संपर्क में है जिससे राजद में ही टूट पड़ सकती है।

उपेंद्र कुशवाहा के बाद जद(यू) प्रवक्ता निखिल मंडल ने भी ट्वीट करके तेजस्वी यादव को आड़े में लेते हुए लिखा कि दौरा पड़ने पर अलबलाना आम बात है और ऐसे ही दौरे पड़ने पर तेजस्वी यादव बीच-बीच में मुख्यमंत्री बनने के ऐसे सपने देखते रहते हैं जो कि निकट भविष्य में पूरे होने वाले नहीं है। उन्होंने बिहार को बुरुंडी ना समझने की अपील की। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी यादव के लिए माल्टा देश सही रहेगा जहां उन्हें सारी सुख-सुविधाएं मिलेंगी और जहां आसानी से वह नए सिरे से राजनीति में कोशिश कर सकते हैं क्योंकि बिहार में राजनीति की डगर उनके लिए बहुत मुश्किल है।