बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्षा मायावती ने रविवार को बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ेगी। ये विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले हैं। दोनों राज्यों में पार्टी का किसी के साथ गठबंधन ना होने की बात उन्होंने साफ की है। ऐसे में अब उन्होंने जिला पंचायत चुनाव भी ना लड़ने की बात कही है।

मायावती ने बताया कि बसपा इस समय जिला पंचायत चुनाव नहीं लड़ेगी क्योंकि पार्टी के लोगों का यह निर्देश है कि इस चुनाव में अपना समय और ताकत लगाने की बजाय पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने और समाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने में लगाएं। ट्वीटों के जरिए उन्होंने बताया कि एआईएमआईएम और बसपा के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव साथ लड़ने की खबर पूरी तरह से गलत है। राज्य के लोकतंत्र को कमजोर बताते हुए उन्होंने “बचाना है-बचाना है” का नारा दिया।

उनकी पार्टी ने आने वाले पंजाब के चुनावों के लिए सिर्फ़ शिरोमणि अकाली दल से हाथ मिलाया है। दोनों पार्टियों ने आगामी चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा भी तय कर लिया है जिसमें शिरोमणि अकाली दल 97 और बसपा 20 सीटों पर खड़ी होगी। इधर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने मायावती पर हमला बोलते हुए दलित समाज को उनके महज एक वोटर के रूप में बताया। चंद्रशेखर ने सवाल में पूछा कि इस समाज पर अत्याचार होने पर मायावती चुप क्यों हो जाती है?

यह भी ज्ञात हो कि पिछले कुछ महीनों में बसपा ने अपने 11 विधायकों से हाथ धोए हैं जिनमें से कई मायावती द्वारा सस्पेंड किए गए हैं या तो निकाल दिए गए हैं।