जम्मू-कश्मीर में दो लड़कियों की कथित तौर पर किडनैपिंग करके इस्लाम में परिवर्तित करने के धर्मांतरण का मामला सामने आया है। इनमें से एक लड़की की शादी मुस्लिम लड़के से करा दी गई जो कि अभी भी लापता है। इनमें से एक घटना बड़गाम जिले की और एक महजूर नगर की है।

शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उठाया है और राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। लड़कियों की जल्द वापसी कराए जाने का आश्वासन दिया गया है। बड़़गाम के गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष संतपाल सिंह के मुताबिक 18 साल की एक लड़की, को लालच देकर और बहला-फुसलाकर उसकी किडनैपिंग की गई और उसका धर्म परिवर्तन कराया गया।

लड़की मानसिक रूप से विक्षिप्त बताई गई। उन्होंने कहा कि यह साफ ‘लव-जिहाद’ का मामला है और सरकार इसमें कुछ नहीं कर रही। संतपाल सिंह ने बताया कि मामले में एसपी ने लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि लड़की परिवार को वापस सौंपी जाएगी लेकिन कोर्ट ने इस आदेश के खिलाफ जाकर लड़की मुस्लिम पक्ष को सौंप दी। उन्होंने इसलिए एक तरह का अन्याय बताया।

नेता मनजिंदर सिंह सिरसा रविवार की सुबह श्रीनगर पहुंचे। सिरसा ने बताया कि जिस मुस्लिम लड़के से लड़की की शादी कराई गई है उसकी पहले से ही दो-तीन शादियां हो चुकी है। सिरसा ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तरह धर्मांतर कानून को जम्मू-कश्मीर में भी लागू करने की अपील की। इसके बाद वहां के स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। सिरसा ने कोर्ट पर अल्पसंख्यकों के प्रति पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लड़की के परिवार वालों को कोर्ट के कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली जबकि लड़के का पूरा परिवार कोर्ट के अंदर था। सिख समुदाय ने सरकार से मामले की जांच शुरू करने की मांग की है।

वहीं अन्य मामले में, जो कि महजूर नगर की है, लड़की अपने मुस्लिम दोस्त के कार्यक्रम में शामिल हुई थी जहां सूत्रों के अनुसार, उसकी शादी समारोह में शामिल एक लड़के से हुई थी। लड़की अभी भी लापता है।