प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे देशवासियों से मन की बात की। यह रेडियो कार्यक्रम ‘मन की
बात’ का 78 वां एपिसोड था। इस मन की बात के कुछ साझा पहलू इस प्रकार हैं :-

अपने कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देकर की और देश के
प्रति उनके योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चैंपियन तब बनते हैं जब प्रतिभा,समर्पण,दृढ़
संकल्प और खिलाड़ी की भावना एक साथ आती है। मिल्खा सिंह के साथ हुई बातचीत को उन्होंने हमेशा
संजोकर रखने की बात कही। ओलंपिक की बात करने पर हमेशा मिल्खा सिंह को याद करने को कहा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि जब मिल्खा सिंह अस्पताल में भर्ती थे तो उन्हें उनसे बात करने का मौका मिला
था और तब उनसे टोक्यो ओलंपिक के लिए जाने वाले एथलीटों को प्रेरित करने का अनुरोध किया था।
कोरोना से हुई उनकी मृत्यु को प्रधानमंत्री ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

देश के वैक्सीनेशन प्रोग्राम की सराहना करते हुए उन्होंने भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम को दुनिया के लिए
एक केस स्टडी जैसा बताया। सारी नकारात्मक खबरों को दूर हटा कर उन्होंने लोगों से कोविड का टीका
लेने की अपील की और साथ ही खुद भी टीके के दोनों डोज़ लेने की बात बताई। उन्होंने अपील की कि
देश के विज्ञान और वैज्ञानिकों में भरोसा दिखाया जाए क्योंकि इन सभी ने कोविड के टीके को बनाने के
लिए कड़ी मेहनत की है। प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि कोरोना महामारी से देश और देशवासियों
की लड़ाई अभी भी चल रही है।

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, गांवों में कोरोना के प्रति लड़ाई,
टीका लेने में लोगों की हिचकिचाहट और खिलाड़ियों के प्रति जोश का भाव जैसे विषयों पर भी अपने
मन की बात रखी।