राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज दिल्ली से कानपुर की तीन दिन की यात्रा के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। इस यात्रा में उनकी पत्नी सविता कोविंद भी उनके साथ मौजूद हैं।राष्ट्रपति की प्रेसिडेंशियल ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 25 जून को दोपहर 12:45 बजे कानपुर के लिए रवाना हुई जो कि 5 घंटे बाद यानी कि करीब साढ़े सात बजे पहुंचेगी। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी अगवानी करेंगे।

इस पूरी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यूपी पुलिस और आरपीएफ की तैनाती के साथ यह ट्रेन नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की सुरक्षा में प्रस्थान करेगी। इसमें रेलवे ने दो खास बोगी लगाए हैं जिसमें बुलेट प्रूफ शीशे हैं। इसके साथ ही ट्रेन के आगे एक खाली इंजन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है।

रेलवे पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के कहे अनुसार ट्रेन की सुरक्षा में बम निरोधक दस्ता, फायर ब्रिगेड,सीआरपीएफ, एनएसजी कमांडो और 200 से अधिक फोर्स को तैनात किया गया है। ट्रेन यात्रा के दौरान ट्रैक के दोनों तरफ जानवरों पर भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी हादसे से बचा जा सके, साथ ही रेलवे फाटक के पास किसी भी आम इंसान के आने की भी मनाही है।

यह प्रेसीडेंशियल ट्रेन रास्ते में कानपुर देहात के झींझक और रूरा रेलवे स्टेशन पर 15-15 मिनट रुकेगी जहां राष्ट्रपति अपने स्कूल के दिनों और समाज सेवा के शुरुआती दिनों के कुछ परिचितों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद 27 जून को राष्ट्रपति सुबह नौ बजे हेलीकॉप्टर के द्वारा अपने पैतृक गांव परौंख पहुंचेंगे और परिवारजनों ,मित्रों ,जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे।

वहां 27 जून को उनके सम्मान में दो कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम करीब छह बजे तक वह फिर कानपुर स्थित सर्किट हाउस पहुंच जाएंगे और रात्रि विश्राम के बाद 28 जून की सुबह दस बजे विशेष ट्रेन के द्वारा कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

29 जून को वह विशेष उड़ान से लखनऊ से नई दिल्ली लौटेंगे। ज्ञात हो कि साल 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के स्पेशल ट्रेन द्वारा देहरादून पहुंचने के 15 वर्षों के बाद किसी  निवर्तमान राष्ट्रपति की ट्रेन के द्वारा यह अगली यात्रा है।