नए कृषि कानूनों को लेकर सड़क पर किसान लगातार जमे हुए हैं। आंदोलन जारी है। सरकार के साथ पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। यह वार्ता विफल रही है। इसके अलावा सरकार से मिले लिखित प्रस्ताव को भी किसान खारिज कर चुके हैं। इस बारे में क्या है किसानों की आगे की योजना इस बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस सिंघु बॉर्डर पर आयोजित की है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई किसान नेता मौजूद थे।


किसान नेता बूटा सिंह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,’पंजाब में टोल प्लाजा, मॉल, रिलायंस के पंप, भाजपा नेताओं के दफ्तर और घरों के आगे धरना अभी भी जारी है। इसके अलावा 14 तारीख को पंजाब के सभी DC ऑफिसों के बाहर धरने दिए जाएंगे।’


सरकार को दिए अल्टीमेटम के बाबत बोलते हुए किसान नेता ने कहा,’हमने 10 तारीख का अल्टीमेटम दिया हुआ था कि अगर PM ने हमारी बातों को नहीं सुना और कानूनों को रद्द नहीं किया तो सारे धरने रेलवे ट्रैक पर आ जाएंगे। आज की बैठक में ये फैसला हुआ कि अब रेलवे ट्रैक पर पूरे भारत के लोग जाएंगे। संयुक्त किसान मंच इसकी तारीख की जल्द घोषणा करेगा।’


प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री के अलग-अलग बयानों पर बोलते हुए उन्होंने आगे कहा,’प्रधानमंत्री जी कहते है कि बातचीत जारी रहनी चाहिए और हमारा भी यही मानना है। वहीं दूसरी ओर कृषि मंत्री कहते हैं कि अगर किसान उनके संशोधनों को मानेंगे तो ही बातचीत जारी रहेगी, नहीं तो नहीं होगी। फिर से हमारे ऊपर शर्त लगा दी जाती है जिसकी हम निंदा करते हैं।’


किसानों की एकता के बारे में बताते हुए किसान नेता बोले कि भाजपा नेताओं और हमारे मंत्रियों को कहना चाहूंगा कि एकजुट हो जाइए। प्रधानमंत्री कुछ और, गृहमंत्री कुछ और व कृषि मंत्री कुछ और बोल रहे हैं। विनती है कि हम एकजुट हैं और हमारी चुनी हुई सरकार को भी एकजुट होकर किसानों के पक्ष में फैसला लेना चाहिए।