देश में चालू रबी सीजन में अभी तक पिछली बार से 23.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ज्यादा बुवाई हुई है,जो 9.84 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण,ग्रामीण विकास,पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि कृषि क्षेत्र में सरकार की विशेष रूचि और प्रयासों से किसान उत्साहित हैं,जिससे कृषि क्षेत्र लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने बताया कि कोविड महामारी के बावजूद,सरकार ने अपनी प्राथमिकता वाले कृषि क्षेत्र में निरंतर ध्यान दिया,जिससे पिछले रबी सीजन में फसलों की कटाई अच्छे-से हुई, फिर ग्रीष्मकालीन व खरीफ फसलों की भी रेकार्ड बुवाई हुई। सरकार ने कृषि उपजों का उपार्जन भी बढ़ाया। कृषि सुधार के लिए अनेक उपाय किए गए हैं,इन सबसेआज कृषि क्षेत्र बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। श्री तोमर ने कहा कि हमारे किसान बहुत मेहनत कर रहे हैं और सरकार भविष्य में भी कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

उन्होंने बताया कि 20 नवंबर 2020 तक, कुल रबी फसलों को पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान,241.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल के मुकाबले 265.43 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर बोया गया है, इस प्रकार देश में पिछले वर्ष की तुलना में 23.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज में वृद्धि हुई है। किसानों ने पिछले साल के 52.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले 55.53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर तिलहनों की बुवाई की है। तिलहन के कुल क्षेत्र में औसत 3.45 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसमें, सरसों के क्षेत्र में 4.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले साल के 48.01 लाख हेक्टेयर की तुलना में 52.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया है।

पिछले वर्ष के 96.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले 97.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं बोया गया है, यानी इसके क्षेत्र कवरेज में 0.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। गत वर्ष के 64.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले दलहन 82.59 लाख हेक्टेयर में बोया गया है, यानी क्षेत्र कवरेज में 18.02 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। मोटे अनाज का क्षेत्र पिछले साल के 21.26 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस बार 22.78 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में है, यानी क्षेत्र कवरेज में 1.53 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। रबी फसलों के अंतर्गत क्षेत्र कवरेज की प्रगति पर कोविड-19 का प्रभाव नहीं है।