सिब्बल के कांग्रेस पर बयान से बिहार से राजस्थान तक बवाल, जानें क्या हैं मायने

बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद अब नई सरकार का गठन हो चुका है हालांकि इन नतीजों के मायने किसी के लिए आत्मचिंतन की वजह बने तो किसी के लिए आत्ममुग्ध होने की। कांग्रेस के लिए यह नतीजे हताशा से भरे हुए हैं। यही वजह है कि कांग्रेस की अंदरूनी कलह बिहार में आये चुनावी नतीजों के बाद एक बार फिर सामने आई है। 


हाल में आये कांग्रेस नेताओं के बयान से यही मायने निकलते हैं कि पार्टी में अब बदलाव की मांग तेज हो रही और राहुल को जबरदस्ती थोपने की कांग्रेस की मंशा विफल होती नजर आ रही है। हालांकि अब भी एक खेमा ऐसा है जो कांग्रेस नेतृत्व के प्रति उसी निष्ठा से काम कर रहा है।


हाल ही में कपिल सिब्बल के कांग्रेस को लेकर दिए बयान पर मचा घमासान थमने का नाम नही ले रहा है। सिब्बल के बयान के बाद जहां राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें पार्टी फोरम में अपनी बात रखने की सलाह दी वहीं बिहार में हार के बाद सबसे पहले बयान देने वाले तारिक अनवर ने भी गहलोत का समर्थन किया।

तारिक़ अनवर ने कहा,’अशोक जी ने बिलकुल सही कहा है, कपिल सिब्बल जी एक सीनियर कांग्रेस नेता हैं उनको अगर पार्टी में कोई कमी दिखती है या कोई सुझाव देना है तो वो हाई कमांड या कांग्रेस प्रेसिडेंट से मिलकर अपनी बात कर सकते हैं। मीडिया के सामने बात रखने से पार्टी का नुकसान ही होगा।’

आपको बता दें कि राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए लिखा,’श्री कपिल सिब्बल को मीडिया में हमारे आंतरिक मुद्दे का उल्लेख करने की कोई आवश्यकता नहीं थी, इससे देश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

कांग्रेस ने  1969, 1977, 1989  और बाद में 1996 सहित विभिन्न संकटों को देखा है – लेकिन हर बार जब हम अपनी विचारधारा, कार्यक्रमों, नीतियों और पार्टी नेतृत्व में दृढ़ विश्वास के कारण मजबूत हुए।’


उन्होंने आगे कहा,’हमने प्रत्येक संकट के साथ सुधार किया है और 2004 में सोनिया जी के कुशल नेतृत्व में यूपीए सरकार का गठन किया, हम इस बार भी इसे दूर करेंगे। चुनावी हार के विभिन्न कारण हैं, लेकिन हर बार कांग्रेस पार्टी की रैंक और फ़ाइल ने पार्टी नेतृत्व में अविभाजित और दृढ़ विश्वास दिखाया है और यही कारण है कि हम हर संकट के बाद इससे मजबूत और एकजुट हुए। आज भी, कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जो इस राष्ट्र को एकजुट रख सकती है और इसे व्यापक विकास के पथ पर आगे ले जा सकती है।’

आपको बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल ने बिहार चुनाव में पार्टी के बेहद खराब प्रदर्शन के बहाने शीर्ष नेतृत्व पर करारा हमला बोला था। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पार्टी ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियती मान ली है। इसके अलावा उन्होंने पार्टी में बदलाव की भी पुरजोर वकालत की थी।

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments