उत्तरप्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार अब बड़े पैमाने पर टेस्ट कराने की तैयारी में है। दिल्ली में बढ़ते कोरोना के कहर को देखते हुए सभी राज्य सरकारें पूरी सतर्कता बरत रही हैं। इसका एक उदाहरण आज यूपी के नोएडा में तब देखने को मिला जब बड़े पैमाने अपर रैंडम सैम्पल्स लिए गए।

सैंपल लेकर यह जानने की कोशिश की गई कि दूसरे राज्यों से आने वालों से कोरोना का खतरा कितना बड़ा है।
यूपी के अपर स्वास्थ्य सचिव ने कोरोना अपडेट्स देते हुए कहा,’9 अक्टूबर से 12 नवंबर तक टारगेट सैंपलिंग का एक अभियान चलाया गया। इसका दूसरा चरण 19 नवंबर से 30 नवंबर के बीच चलाया जाएगा। 19, 20 और 21 तारीख को शहर में मलिन बस्तियों में, 22 तारीख को अस्थायी या स्थायी जेल में सैंपलिंग की जाएगी।’ 

उन्होंंने आगे कहा कि 23 को बाल सुधार गृह आदि में, 24 को वृद्धाश्रम और नारी निकेतन में, 25 को रेहड़ी-पटरी के दुकानदारों की, 26 को स्कूलों में 9वीं से 12वीं के स्टाफ की, 27 को सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में, 28, 29, 30 को बाजारों में रैंडम सैंपलिंग की जाएगी।  


कल प्रदेश में 1,21,362 सैंपल्स की जांच की गई, अब तक कुल 1,73,21,490 सैंपल्स की जांच की जा चुकी है। प्रदेश में सर्विलांस का काम जारी है। अब तक 4,56,186 टीम दिवस के माध्यम से 2,89,26,145 घरों का सर्विलांस किया गया है, जिसमें 14,17,00,152 लोग रहते हैं।