अब भी तेजस्वी को है पुराने यारों से समर्थन की उम्मीद, जानें

बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे के एलान के बाद आज एक तरफ सीएम नीतीश कुमार अपने विधायकों से मिलने जदयू कार्यालय पहुंचे वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के दलों ने भी हार की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के बाद दोनों ही नेता मीडिया से मुखातिब हुए। नीतीश जहां खुश लेकिन संतुलित बातें करते दिखे वहीं तेजस्वी के चेहरे पर निराशा और बातों में गुस्सा साफ नजर आ रहा था।

बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे के एलान के बाद आज एक तरफ सीएम नीतीश कुमार अपने विधायकों से मिलने जदयू कार्यालय पहुंचे वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के दलों ने भी हार की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के बाद दोनों ही नेता मीडिया से मुखातिब हुए। नीतीश जहां खुश लेकिन संतुलित बातें करते दिखे वहीं तेजस्वी के चेहरे पर निराशा और बातों में गुस्सा साफ नजर आ रहा था।


इन सभी ख़बरो के बीच एक खबर आज दिन भर बिहार के राजनीतिक गलियारे और मीडिया में तैरती नजर आई। यह खबर राजद के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से लिखी गई थी। सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी और महागठबंधन ने अभी भी अपने लिए विकल्प खुले रखे हैं। खबर यहां तक है कि जीतनराम मांझी और वीआईपी चीफ मुकेश साहनी तक ‘दूत’ भेज अपनी बात पहुंचा दी गई है।


राजद दोनो ही दलों को डिप्टी सीएम पद का आफर देने को तैयार है। हालांकि सूत्र यह भी मानते हैं कि दोनों ही दलों ने राजद के इस आफर पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नही ढ़ी है। ऐसे में बेशक अभी एनडीए सरकार के गठन की प्रक्रिया आसान लग रही है और नीतीश पुनः सत्ता में वापसी को तैयार हैं लेकिन अगर एनडीए के सहयोगियों में खटपट हुई तो भविष्य मे राजद इस मौके का फायदा उठाने से नही चुकेगा। साथ ही यह दो दल अगर साथ आये तो ओवैसी भी महागठबंधन को समर्थन दे अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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