भारत पकिस्तान के तल्ख रिश्तों के पीछे न जाने कितनी ऐसी कहानियां हैं जो या तो दफन हो गईं या उनकी किसी अदालत में सुनवाई नही हुई। एक बहुचर्चित मामला कुलभूषण जाधव का है। हालांकि न जाने ऐसे कितने कुलभूषण पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं शमसुद्दीन जो 28 साल पाकिस्तान की जेल में रहने के बाद अब अपने वतन वापस लौट चुके हैं।


पकिस्तान कभी रोजी रोटी की तालाश में पहुंचे शमसुद्दीन के लिए यह एक नई जिंदगी के मिलने जैसा है। शमसुद्दीन को पाकिस्तान में जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया था। उनपर फर्जी पासपोर्ट हासिल करने का मुकदमा था। इसके लिए उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई थी हालांकि वह पांच साल की सजा 28 साल में बदल गई। अंततः पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत से शमसुद्दीन को न्याय मिल और वह अब अपने देश आ चुके हैं।

इस बारे में जानकारी देते हुए सीसामऊ के सीओ त्रिपुरारी पांडे ने कहा,’थाना बजरिया में मन्ना पुरवा का रहने वाला शमसुद्दीन नाम का व्यक्ति पाकिस्तान में गिरफ्तार हुए थे। अब वो छूटकर अमृतसर आ गए हैं। उनके परिवार वाले उनसे संपर्क कर रहे हैं।

हम उनका सहयोग कर रहे हैं।’
वहीं शमसुद्दीन के पकिस्तान से लौटने की जानकारी मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल है।शमसुद्दीन के भाई फहीमुद्दीन ने बताया, ” मेरा भाई 1990 में घर से चला गया था। उसके बाद हमें रिश्तेदारों से पता चला कि वो पाकिस्तान चले गए हैं।

हमारे घर अधिकारी आए थे उन्होंने हमें बताया कि आपके भाई पाकिस्तान में गिरफ्तार किए गए हैं। उनके आने की ख़बर से हम सभी बहुत खुश हैं।”