बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजों के आने में अब कुछ घंटों का वक़्त बाकी है। कहीं एग्जिट पोल के बाद तैयारियां शुरू कर दी गई है तो कहीं इसके बाद मायूसी है। एनडीए को नीतीश-मोदी के जोड़ी और अपने साइलेंट वोटरों के भरोसे सत्ता में वापसी का भरोसा है वहीं महागठबंधन भी तेजस्वी की अगुवाई में आत्मविश्वास से लबरेज है।


एग्जिट पोल के बाद भी दलों के नेता बेहद संतुलित बयानबाजी कर रहे हैं। कोई भी किसी तरह से ऐसा बयान नही देना चाहता जो कल नतीजों के आने के बाद उनके गले की फांस बने। ऐसा पुराने अनुभवों को देखते हुए करना उचित भी लगता है। इसी क्रम में राजद की तरफ से जहां कार्यकर्ताओं से शिष्टाचार में रहने की अपील की गई है वहीं जदयू की तरफ से भी बड़ा बयान सामने आया है।


जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने इस बाबत पूछे जाने पर कहा,’मैं किसी सर्वे, एग्ज़िट पोल और ऑपिनियन पोल में यकीन नहीं रखता। 2010 और 2015 के एग्ज़िट पोल में भी हमें हरा दिया गया था और नतीजा आप सबके सामने है। 10 तारीख होने दीजिए, 1-2 बजे तक सब सामने आ जाएगा। जनादेश का सब सम्मान करेंगे चाहे हम हों या वो।’


अजय आलोक के अलावा बीजेपी नेता मनोज तिवारी भी आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे हैं। मनोज तिवारी ने समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत में कहा,’एग्ज़िट पोल में काफी कांटे की टक्कर दिख रही है। लेकिन हमने जो बिहार देखा है उस हिसाब से कल एक बार फिर NDA की सरकार बन सकती है।