पूर्णिया में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आज तीसरे और अंतिम चरण के प्रचार खत्म होने से पहले एक चुनावी जनसभा के दौरान भावुक घोषणा करते हुए कहा,’आज चुनाव का आखिरी दिन है, परसों चुनाव है और ये मेरा अंतिम चुनाव है। अंत भला तो सब भला।’ नीतीश के इस बयान पर एनडीए के दलों ने जहां आश्चर्य व्यक्त किया वहीं विपक्ष ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

नीतीश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझीने कहा,’ये पार्टी के लिए और राज्य के हित में उचित नहीं है, अभी बिहार में नीतीश कुमार की आवश्यकता है।

जिस गति और सच्चाई से नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है, उनके सामने अभी कोई विकल्प नहीं है। हम उनसे अनुरोध करेंगे कि वो इस पर पुनर्विचार करें।’


कांग्रेस की तरफ से नीतीश के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा,’नीतीश जी ने चुनाव के तीसरे चरण में वोट डालने से पहले ही इस चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बोलकर NDA की हार स्वीकार कर ली है।

उन्होंने अब रिटायरमेंट की घोषणा भी कर दी है वो बिहार को कभी हरा नहीं पाएंगे। बिहार महागठबंधन के साथ फिर जीतेगा। उन्होंने आगे कहा,’अच्छा होता कि नीतीश जी और सुशील मोदी जी बिहार की जनता से बिहार को बदहाली की कगार पर लाकर खड़ा करने के लिए मांफी मांग कर रिटायरमेंट लेते।

नीतीश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा,’अगर रणभूमि से नेता ही गद्दी छोड़ कर भाग जाए तो बाकी के लोग क्या करेंगे? अब JDU का कोई अस्तित्व नहीं बचा है। अगर नीतीश कुमार जी ये सोच रहे हैं कि ये घोषणा करके वो जांच की आंच से बच जाएंगे तो ये मैं होने नहीं दूंगा।’

नीतीश के सन्यास सम्बन्धी बयान पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,’मैं जो बात पहले से कहता रहा हूं कि नीतीश कुमार जी थक चुके हैं, उनसे बिहार संभल नहीं रहा है। वो जमीनी हकीकत को पहचान नहीं पाए और जब उन्हें अहसास हुआ तो उन्होंने संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।