प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के संचार मंत्रालय और ब्रिटेन के डिजिटल, संस्कृति, मीडिया एवं खेल विभाग (डीसीएमएस) के बीच दूरसंचार/सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी है।

इस समझौता ज्ञापन से दोनों देशों के बीच दूरसंचार/आईसीटी के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और आपसी समझ को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। ब्रेक्जिट निर्णय के बाद इस समझौता ज्ञापन का लक्ष्य भारत के लिए सहयोग और अवसरों को बढ़ावा देने का है। दोनों पक्षों ने सहयोग के क्षेत्र में समान हितों के निम्न विषयों की पहचान की हैः-

ए) दूरसंचार/आईसीटी नीति एवं विनियमन;

बी) स्पेक्ट्रम प्रबंधन;

सी) मोबाइल रोमिंग समेत दूरसंचार कनेक्टिविटी;

डी) दूरसंचार/आईसीटी तकनीकी मानकों एवं टेस्टिंग और प्रमाणन;

ई) वायरलैस संचार;

एफ) 5जी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स/मशीन से मशीन, क्लाउड कम्प्यूटिंग, बिग डेटा आदि समेत दूरसंचार/आईसीटी के क्षेत्र में तकनीकी विकास;

जी) दूरसंचार संबंधी आधारभूत ढांचे की सुरक्षा और दूरसंचार सेवाओं की उपलब्धता तथा इनके इस्तेमाल में सुरक्षा;

एच) उच्च तकनीकी क्षेत्र में क्षमता निर्माण करना और जहां तक संभव हो वहां विशेषज्ञता का आदान-प्रदान किया जाना;

आई) उभरती तकनीकों और नवाचारों, जहां उपयुक्त हो, के क्षेत्र में शोध एवं विकास पर जानकारी को साझा करना;

जे) दूरसंचार/आईसीटी के क्षेत्र में उभरते अवसरों के लेकर हस्ताक्षरकर्ता देश और विश्व के तीसरे देशों में संयुक्त रूप से काम करने के अवसरों की खोज करना;

के) दूरसंचार/आईसीटी उद्योग के प्रतिनिधियों और उनसे सम्बद्ध दौरों, घटनाओं, प्रदर्शनी इत्यादि के माध्यम से व्यापार, निवेश और तकनीकी गतिविधियों को बढ़ावा देना; और

एल) इस समझौता ज्ञापन के दायरे के तहत सम्बद्ध पक्षों की ओर से जिन मुद्दों पर आपसी सहमति व्यक्त की गई है उनमें दूरसंचार/आईसीटी के क्षेत्र में अन्य प्रकार का सहयोग।