केन्द्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों की शुरुआत होने और चल रहे त्योहारी सीजन के दौरान मांग में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) को एक महीने यानी 30 नवंबर, 2020 तक या इस योजना के तहत तीन लाख करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत होने के समय तक, इनमें जो भी पहले हो, बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इस विस्तार से ऐसे ऋण लेने वालों को इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने का एक और अवसर उपलब्ध होगा जो अबतक इस योजना का लाभ नहीं उठा सके हैं।

ईसीएलजीएस की घोषणा एमएसएमई, व्यापार उद्यमों, व्यापारिक उद्देश्यों के लिए व्यक्तिगत ऋणों और मुद्रा ऋण लेने वालों को 29 फरवरी, 2020 के अनुसार उनकी बकाया राशि ऋण का 20 प्रतिशत सीमा तक पूरी तरह से गारंटी युक्त और कोलेट्रल फ्री अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज (एएनबीपी) के एक हिस्से के रूप में की गई थी।

29 फरवरी 2020 के अनुसार 50 करोड़ रुपये तक की ऋण बकाया राशि वाले तथा 250 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार वाले उधारकर्ता इस योजना के तहत पात्र हैं। इस योजना के तहत ब्याज दरें बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए 9.25 प्रतिशत और एनबीएफसी के लिए14 प्रतिशत निर्धारित की गई हैं।

सदस्य ऋण संस्थानों द्वारा ईसीएलजीएस पोर्टल पर अपलोड किए गए आकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत अभी तक 60.67 लाख ऋण लेने वालों के लिए 2.03 लाख करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 1.48 लाख करोड़ रुपये की राशि वितरित कर दी गई है।