आशुतोष की हत्या मामले में खाली हाथ पुलिस, मुंगेर से नही लिया कोई सबक, उठ रहे सवाल

मुंगेर में दुर्गापूजा विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिसिया कार्रवाई में एक युवक की मौत और कई लोगों के घायल के होने के बाद शहर में तूफान से पहले जैसी शांति दिखी। चुनाव में वोटिंग परसेंटेज कम रहा लेकिन मतदान शांतिपूर्ण हुआ। इसके अगले दिन लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते शहर में आगजनी और उपद्रव शुरू हो गई। इसके बाद त्वरित कार्रवाई हुई और आयोग ने जिले के एसपी डीएम को हटा दिया।

मुंगेर में कार्रवाई के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नही ले रहा है। कल शाम पहुंचे नए डीएम-एसपी को भी विरोध झेलना पड़ा। अब बात भागलपुर के बिहपुर में हुए एक ‘हत्याकांड’ की। इसमें भी पुलिसिया कार्रवाई सवालों के घेरे में है और लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया से सड़क तक देखने को मिल रहा है। 

यह गुस्सा है सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष पाठक की मौत को लेकर, यह गुस्सा है रक्षक से भक्षक बनी पुलिस को लेकर और अब इस मामले में जारी लीपापोती और राजनीति को लेकर। अभी तक इस मामले में आरोपी थानेदार फरार है। जांच के नाम पर क्या प्रगति है इसकी बहुत जानकारी किसी के पास नही है। 

हां इतना जरूर है कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने पीड़ित परिवार से बात कर न्याय का भरोसा दिलाया है। दोनो नेताओं ने पीड़ित परिवार से दोषियों को सख्त सजा दिलाने की बात भी कही है। अब देखना है यह सब कब और कैसे हो पाता है जबकि घटना के कई दिनों बाद भी पुलिस खाली हाथ है।

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