आरोग्य सेतु एप का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े पर पहुँच गया है. एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को एक लेटर लिखा है जिसमें उन्होंने चीफ जस्टिस से आरोग्य सेतु एप मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.

आपको बतादें की कल सरकार ने सार्वजनिक तौर पर इस बात को कबूल किया था की उससे इस बात की जानकारी ही नहीं है की आरोग्य सेतु एप आखिकार बनाया किसने है.

तहसीन पूनावाला ने एक ट्वीट कर CJI को लिखे लेटर की जानकारी दी. उन्हों लिखा “मैंने CJI से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. वह इस मामले का संज्ञान ले और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को निर्देश दें की आरोग्य सेतु एप से जुडी सभी जानकारियों के बारे में एक हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में पेश करे और इस एप का डाटा तुरंत डिलीट करे.”

तहसीन पूनावाला ने अपने लेटर में CJI को लिखा है की सरकार को जानकारी ही नहीं है की यह एप किसने बनाई है. इससे 16 करोड़ भारत वालों की निजी जानकारी के ऊपर खतरा मंडरा रहा है जिसमें सरकार के बड़े अधिकारी से लेकर सेना और अदालतों के जज भी शामिल है. तुरंत इस बारे में कार्यवाही करनी चाहिए. सरकार ने आखिर कैसे इसे सभी कामों के लिए इतना ज़रूरी बनाया.

आपको बतादें की यह पहले मौका नहीं है जब आरोग्य सेतु को एकर विवाद हुआ है. इससे पहले भी  कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां इस एप की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुकी है.

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