पेटेंट नियम, 2020- फार्म 27 जमा करने और प्राथमिक दस्तावेजों के सत्यापित अंग्रेजी अनुवाद प्रस्तुत से संबंधित आवश्यकताओं को सरल बनाया गया

शामनाद बशीर बनाम भारत संघ और अन्य – रिट याचिका संख्या डब्ल्यूपीसी- 5590 / 2015 के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 23 अप्रैल, 2018  को दिए गए आदेश के अनुसार, भारत में व्यावसायिक पैमाने पर पेटेंट आविष्कार के कार्य (फॉर्म 27) से सम्बंधित विवरण प्रस्तुत करने की आवश्यकताओं को सुव्यवस्थित करने व सरल बनाने के लिए हितधारकों से परामर्श लिए गए थे।

पेटेंट (संशोधन)नियम, 2020, जो 19 अक्टूबर 2020 को लागू हुआ है, में फॉर्म 27 जमा करने और प्राथमिक दस्तावेजों (जो अंग्रेजी भाषा में नहीं है) के सत्यापित अंग्रेजी अनुवाद प्रस्तुत करने से संबंधित आवश्यकताओं को और अधिक सरल बनाया गया है।

फॉर्म-27 और नियम 131 (2) के संदर्भ में महत्वपूर्ण बदलाव इस प्रकार हैं:

1) पेटेंट प्राप्त व्यक्ति को एक या एक से अधिक संबंधित पेटेंट के सन्दर्भ में एकल फॉर्म -27 दाखिल करने की रियायत मिलेगी 

2) जहां दो या दो से अधिक व्यक्तियों को पेटेंट दिया गया है, ऐसे व्यक्ति संयुक्त फॉर्म -27 दाखिल कर सकते हैं

3) पेटेंट प्राप्त व्यक्ति को अनुमानित राजस्व/अर्जित मूल्य के बारे में जानकारी देनी होगी

4) अधिकृत एजेंट, पेटेंट प्राप्त व्यक्ति की ओर से फॉर्म -27 जमा कर सकेंगे

5) फॉर्म -27 दाखिल करने के लिए, पेटेंट प्राप्त व्यक्ति को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से मौजूदा तीन महीनों की बजाय छह महीने का समय मिलेगा

6) पेटेंट प्राप्त व्यक्ति को वित्तीय वर्ष के एक हिस्से या अंश के संबंध में फॉर्म -27 दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी

7) जहां एक ओर पेटेंट प्राप्त व्यक्ति द्वारा जानकारी जमा करने के संबंध में फॉर्म -27 में आवश्यकताओं को कम किया गया है, वहीं इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 146 (1), नियंत्रक को पेटेंट प्राप्त व्यक्ति से ऐसी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देती है, जिसे नियंत्रक उचित समझते हों।

नियम 21 के संदर्भ में महत्वपूर्ण बदलाव इस प्रकार हैं:

1) यदि प्राथमिक दस्तावेज डब्‍ल्‍यूआईपीओ की डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं, तो आवेदक को भारतीय पेटेंट कार्यालय में इन्हें प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी

2) आवेदक को प्राथमिक दस्तावेज़ का सत्यापित अंग्रेजी अनुवाद प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी, जहां प्राथमिकता-दावे की वैधता इस बात के निर्धारण के लिए प्रासंगिक है कि संबंधित आविष्कार पेटेंट योग्य है या नहीं।

ये बदलाव भारत में व्यावसायिक पैमाने पर पेटेंट किए गए आविष्कार के कार्य (फॉर्म 27) के बारे में विवरण प्रस्तुत करने और प्राथमिक दस्तावेजों के सत्यापित अंग्रेजी अनुवाद प्रस्तुत करने से संबंधित आवश्यकताओं को सुव्यवस्थित करेंगे व सरल बनायेंगे।

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