प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टेर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) और मलेशियन इं‍स्‍टीट्यूट ऑफ सर्टिफाइड पब्लिक एकाउंटेंट्स (एमआईसीपीए) के बीच परस्‍पर मान्‍यता समझौते को मंजूरी दी गई। इससे इन दोनों संस्‍थानों में से किसी भी एक के योग्‍य चार्टेर्ड एकाउंटेंट्स सदस्‍यों को अपनी मौजूदा एकाउंटेंसी योग्‍यता के समुचित अंकों के आधार पर दूसरे इं‍स्‍टीट्यूट में दाखिला लेने का मौका मिलेगा।    

लागू करने की रणनीति और लक्ष्‍य:

आईसीएआई और एमआईसीपीए एक दूसरे की योग्‍यता को मान्‍यता देने के लिए परस्‍पर समझौता करेंगे। वे एक दूसरे के समुचित तौर पर योग्‍य सदस्‍यों को परीक्षा के विशिष्‍ट मॉड्यूल और तय आधार पर अपने यहां दाखिला देंगे। इस प्रस्‍तावित समझौता ज्ञापन में इन दोनों व्‍यावसायिक संस्‍थानों के उन चार्टेर्ड एकाउंटेंट सदस्‍यों को शामिल किया जाएगा, जिन्‍होंने शिक्षा, परीक्षा, नैतिक व्‍यवहार और व्‍यावहारिक अभ्‍यास समेत इन दोनों संस्‍थानों की सदस्‍यता अनिवार्यताओं को पूर्ण कर लिया है। आईसीएआई और एमआईसीपीए दोनों अपनी योग्‍यता/दाखिला अनिवार्यता, सतत पेशेवर विकास (कंटीन्‍यूइंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट –सीपीडी) नीति, रियायतें और किसी भी अन्‍य प्रासंगिक मामले में हुए बदलावों की जानकारी देंगे।

प्रमुख प्रभाव:

आईसीएआई एशिया प्रशांत क्षेत्र में स्थित संस्‍थानों के साथ द्विपक्षीय सहयोग स्‍थापित करने की मंशा रखता है इसलिए वह एमआईसीपीए के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर करना चाहता है। इस वैश्विक माहौल में एकाउंटेंसी के पेशे के सामने मौजूद नई चुनौतियों का मुकाबला करने के अवसर का लाभ उठाकर ये दोनों एकाउंटेंसी संस्‍थान नेतृत्‍वकारी भूमिका निभा सकते हैं। इन दोनों नियामक संस्‍थानों के बीच औपचारिक समझौते से दोनों ओर के एकाउंटेंसी समुदाय के बीच बेहतर सामंजस्‍य और व्‍यापक स्‍वीकार्यता में वृद्धि होगी तथा अधिक व्‍यावसायिक अवसरों के विकास का रास्‍ता प्रशस्‍त होगा।

पृष्‍ठभूमि:

इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टेर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया एक वैधानिक निकाय है, जिसे ‘द चार्टेर्ड एकाउंटेंट्स एक्‍ट 1949’ के तहत स्‍थापित किया गया था। इसका कार्य भारत में चार्टेर्ड एकाउंटेंसी के व्‍यवसाय का नियमन करना है। मलेशियन इं‍स्‍टीट्यूट ऑफ सर्टिफाइड पब्लिक एकाउंटेंट्स कंपनी, मलेशिया के कंपनीज एक्‍ट 1965 के तहत काम करती है।