फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद जे कार्टून को लेकर फिर से नया विवाद छिड़ गया है. ताज़ा घटना में एक शख्स ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखने की वजह से एक टीचर का सर ही कलम कर दिया. यह घटना कॉन्फ्लैन्स सौं होनोरी नाम के स्कूल में हुई है. हालांकि सर कलम करने वाला शख्स भी पुलिस की गोली का शिकार हो गया. पुलिस ने इस मामले में 4 और लोगों को भी गिरफ्तार किया है.

पेरिस पुलिस से मिली जान्काइर के अनुसार जिस टीचर की हत्या हुई है वह इतिहास पढ़ाते थे. वह ‘अभिव्यक्ति की आज़ादी’ के ऊपर लेक्चर दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाए जो पिछले महीने व्यंग्य पत्रिका शार्ली एब्दो ने छापे थे. इस घटना से नाराज़ एक व्यक्ति ने टीचर के ऊपर धारदार हतियार से हमला कर दिया और उनका सर धड़ से अलग कर दिया.

इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इतल्ला दी और पुलिस मौके पर पहुंचीं. जब पुलिस ने हत्यारे को सर्रेंडर करने को कहा तो उसने पुलिस पर गोली चला दी और जवाबी कार्यवाही में वह मारा गया. मारे गए शख्स की उम्र केवल 18 साल है. पुलिस ने इस मामले में 4 और लोगों को भी गिरफ्तार किया है.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस घटना को इस्लामिक आतंकवाद करार दिया है. उन्होंने इसे फ्रांस पर कट्टरपंथी ताकतों का हमला बताया. उन्होंने कहा की हमें इससे मिलकर लड़ना होगा. हमें अपने देश को आतंकवाद से बचाना होगा.

वहीँ पत्रिका शार्ली एब्दो ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा यह असहिष्णुता की पराकाष्ठा है. हमें इस इस्लामिक कट्टरवाद को हराना है. शार्ली एब्दो मारे गए टीचर के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़ी है.

पिछले महीने भी शार्ली एब्दो ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे थे जिसके बाद उसके कर्मचारियों पर हमला हुआ था जिसमें 2 कर्मचारी घायल हो गए थे. इस मामले में पकिस्तान मूल के लड़के का हाथ था.

आपको बतादें की 2015 में शार्ली एब्दो ने सबसे पहले पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे थे. उसके बाद मैगज़ीन के ऑफिस पर हमला हुआ था जिसमें 12 लोग मारे गए थे.

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