बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अब दल धीरे-धीरे उम्मीदवारों के नामों का एलान करने लगे हैं। जदयू, राजद, हम समेत सीपीआईएम जैसे दल भी कुछ उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुके हैं।

बीजेपी की तरफ से आज लिस्ट आने की उम्मीद है। हालांकि माना यह भी जा रहा है कि कुछ सीटों पर उम्मीदवारों का औपचारिक एलान पहले चरण के नामांकन के आखिरी दिन 8 अक्टूबर को किया जा सकता है। 


उम्मीदवारों की सूची आने के साथ ही बागियों और रूठने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी है। कुछ लोग जहां पार्टी के निर्णय को सर्वोपरि मान कर एक टीस लिए चुप लगा गये वहीं कुछ फिलहाल कपङे समर्थकों और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से जनता की नब्ज नापने में जुटे हैं।

महीनों से क्षेत्र में डंटे कार्यकर्ताओं और कुछ पूर्व विधायकों को उम्मीद थी कि इस बार पार्टी शायद उन्हें मौका देगी लेकिन बाजी किसी और के मारने की खबर मिलते ही ऐसे लोगों में मायूसी छा गई।
ऐसे लोगों के पास अब बड़े विकल्प के तौर पर लोजपा है।

माना जा रहा है कि जदयू के वो नेता जिनकी सीट बीजेपी कोटे में गई या जिन्हें टिकट नही मिला वह पाला बदल कर अब लोजपा से अपने ही पुराने दल के साथियों की मुश्किलें बढ़ाते नजर आ सकते हैं।

बीजेपी 2015 में इसका खामियाजा कई सीटों पर भुगत चुकी है यही वजह है कि सीटों पर उम्मीदवारों के चयन के बावजूद घोषणा में देरी की जा रही है। अब देखना है कि टिकट से वंचित रह नेता जी किस करवट जाते हैं।