बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। पहले चरण के चुनाव में अब ठीक एक महीने का वक़्त बाकी है। हालांकि चुनावों के तारीखों के एलान के बावजूद अभी तक सत्ता पक्ष या विपक्ष किसी भी तरफ से सीट बंटवारे या उम्मीदवारों के एलान को लेकर कोई खबर नही है।

हां यह जरूर है कि हजारों की संख्या में संभावित उम्मीदवार हर दल के दफ्तर में बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा पटना से दिल्ली दरबार तक कर रहे हैं।


कांग्रेस के लिए इस बार बिहार चुनाव में दोहरी खुशखबरी मिली है। पहली यह है कि जो कांग्रेस उम्मीदवारों की कमी और कमजोर संगठन से जूझ रही थी वहीं अब कांग्रेस से भी टिकट पाने वालों की लाइन लंबी होती दिख रही है।

जानकारी के मुताबिक अभी तक लगभग 650 आवेदन कांग्रेस को अलग-अलग सीटों से संभावित उम्मीदवारों ने सौंपे हैं। यह आवेदन कई योग्यताओं और विशेषताओं जैसी शर्तों के लगाने के बाद मिले हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह सब किसी बड़ी खुशखबरी से कम नही है।


अब दूसरी ऐसी खबर जो कांग्रेस को खुश कर सकती है वह यह है कि महागठबंधन में कांग्रेस इस बार नंबर दो की स्थिति में कांग्रेस है और उसे 65 से 70 सीटें इस बार मिल सकती हैं। याद रहे 2015 में कांग्रेस 41 सीटों पर लड़ी थी।

ऐसे में इस बार 25 से 30 सीटों पर ज्यादा लड़ने से कांग्रेस का कद बढ़ेगा। वहीं महागठबंधन में शामिल वाम दलों के हिस्से 20 सीटें आ सकती हैं।

इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा अगर महागठबंधन में रहते हैं तो उनके हिस्से भी 10 सीटें आ सकती हैं। हालांकि कोई भो दल उपेंद्र कुशवाहा को भाव देता नजर नही आ रहा है।

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