एक समय ऐसा था जब पंजाब पुलिस पूर्व DGP सुमेध सिंह सैनी के आदेश का पालन करती थी. मगर आज वही पंजाब पुलिस उनकी गिरफ़्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है. आखिर ऐसा क्या हुआ एक DGP रैंक के अधिकारी के साथ जो कभी लोगों से कानून का पालन करवाता था आज वही कानून का मुज़रिम बन गया है. आइये हम आपको बताते है.

ये घटना है करीब 28 साल पुरानी. साल 1991 में (जिस वक़्त पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था) तत्कालीन एसएसपी सुमेध सिंह सैनी पर एक आतंकी हमला होता है पर वह बाल-बाल बच जाते है. हमले के आरोप में मोहाली के बलवंत सिंह मुलतानी को पुलिस अपनी गिरफ्त में ले लेती है. मगर बाद में बलवंत सिंह मुलतानी की मौत हो जाती है.

इस सारे मामले में ट्विस्ट तब आता है जब बलवंत सिंह मुलतानी का भाई इसी साल अपने भाई की मौत को लेकर सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ FIR दर्ज़ करवाता है. FIR के मुताबिक बलवंत सिंह की मौत पुलिस रिमांड में टॉर्चर की वजह से हुई. इस केस में सरकारी गवाह बने लोगों का भी यही कहना है. पूर्व DGP सैनी पहले मोहाली कोर्ट में और फिर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी डालता है मगर दोनों जगहों से वह ख़ारिज हो जाती है. इसी के बाद से पुलिस सुमेध सिंह सैनी की गिरफ़्तारी को लेकर लगातार दबिश दे रही है.

हालांकि सैनी के वकील इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बता रहे है. उनका कहना है की साल 2007 में सैनी ने अमरिंदर सिंह, उनके बेटे रनिंदर सिंह का भ्रष्टाचार उजागर किया था इसी लिए अब पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह उनके खिलाफ बदले की कार्यवाही कर रहे है.