चीन के वुहान से निकले कोरोना वायरस से दुनिया के कई देश बुरी तरह प्रभावित हैं। इसे लेकर चीन की लगातार आलोचना होती रही। कोरोना के अलावा अपनी विस्तारवादी नीति, भारत, ताइवान, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों से सीमा सहित अन्य वैवद अब चीन पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। भारत जहां चीन के कई एप्प पर बैन लगा बड़ा झटका दे चुका है वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति भी चीन के होश ठिकाने लगाने में कोई कमी नही छोड़ रहे।


इन सभी ख़बरों के बीच चीन को भी एहसास है कि अब उसकी दाल आसानी से नही गलने वाली और अब दुनिया के कई ताकतवर देश से अलग थलग करने का मूड बना चुके हैं। यही वजह है कि रूस की राजधानी मॉस्को और फिर यूरोप दौरे पर गए चीन के विदेश मंत्री को न सिर्फ कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी बल्कि भारत सहित अलग-अलग देशों ने कड़े संदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया कि मनमानी बहुत हुई।


इन सब से घबराए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। वह डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। इसी क्रम में उन्होंने यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल को फ़ोन किया। चीन की तरफ से इस बातचीत को सार्थक बताया गया है हालांकि माना जा रहा कि हांगकांग में हाल ही में लागू किये गए नए कानून पर यूरोपीय देशों की आलोचना के बीच यह महज डैमेज कंट्रोल की कोशिश है।