राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बिहार विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा झटका लगा है। पार्टी के सबसे बड़े स्वर्ण चेहरे और तीन दशक से भी ज्यादा लंबे वक्त तक लालू के सबसे विश्वासी सहयोगी रहे रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले भी उनके इस्तीफा देने की खबर थी लेकिन तब राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने इसे स्वीकार नही किया था।


रघुवंश बाबू ने अब ऊना इस्तीफा एक सादे पन्ने पर लिखा है। इस पन्ने के ऊपर दिल्ली एम्स लिखा हुआ है वहीं इसे भेजने के पते में रिम्स रांची लिखा गया है। यह चिट्ठी राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को संबोधित करते हुए लिखी गई है। बहुत कम शब्दों में रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए इस्तीफे की बात लिखी है वहीं पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले स्नेह के लिए आभार भी व्यक्त किया है।


आपको बता दें कि रघुवंश प्रसाद सिंह वैशाली से लोजपा के सांसद रहे रमा सिंह के राजद में आने का विरोध कर रहे थे। वह पार्टी के इस निर्णय से नाराज बताए जा रहे थे। वहीं इसके बाद लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप ने जब उनकी हैसियत समुद्र में एक लोटे पानी से की तो उनका सब्र और जवाब दे गया। हालांकि तेजप्रताप ने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि बयान तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया और माना जा रहा था कि लालू ने तेजप्रताप को इसके लिए ही रांची तलब भी किया था।

 
रघुवंश प्रसाद सिंह इन दिनों दिल्ली एम्स में इलाजरत हैं। वह डेढ़ महीने पहले कोरोना से संक्रमित हुए थे और इससे ठीक होने के बाद भी उनकी स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां बनी हुई रहीं। इसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स में एडमिट कराया गया था।

तब से वह यहीं हैं। ख़बरोने के मुताबिक एक दिन पहले उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया था हालांकि अब स्थिति स्थिर बताई जा रही है। रघुवंश प्रसाद सिंह लालू के न सिर्फ राजनीति के सहयोगी लंबे वक़्त से रहे हैं बल्कि व्यक्तिगत संबंध भी काफी अच्छा माना जाता रहा है। इसके अलावा रघुवंश राजद के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं।