यूपी का लखीमपुर खीरी जिला अपराध की खबरों का केंद्र बनता जा रहा है। इस जिले से बलात्कार की कई ख़बरों के आने का सिलसिला अभी थमा भी नही था कि इसी बीच एक और दिल को झकझोरने वाली खबर सामने आ रही है। यहां की निघासन विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की दबंगों ने जमीन विवाद में पीट पीट कर हत्या कर दी। पूर्व विधायक की उम्र 75 वर्ष बताई जा रही है। दबंगों ने उनके बेटे संजीव को बुरी तरह पीटा, उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।


जानकारी के मुताबिक पूर्व विधायक का समीर गुप्ता नाम के शख्स से जमीन का विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच समीर अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुंच गया। इसके बाद पूर्व विधायक भी अपने लोगों को साथ लेकर चले। उनके पहुंचने के बाद तीखी बहस हुई और इसके बाद समीर के साथ पहुंचे हथियार एयर लाठी डंडे से लैस लोगों ने पूर्व विधायक और उनके समर्थकों पर हमला बोल दिया। इस घटना में पूर्व विधायक की मौत हो गई। यह। विवादित जमीन संपूर्णानगर थाना क्षेत्र में त्रिकोलिया पढुआ बस अड्डे के पास मेन रोड पर है।


आपको बता दें कि 10वीं से 12 विधानसभा में निर्वेंद्र मिश्र साल 1989 से 1993 तक तीन बार विधायक रहे। साल 1989 में वह पहली बार निर्दलीय चुनाव जीते थे। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी निर्दलीय चुनाव जीता, वहीं, 1993 के चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। उनकी छवि साफ-सुथरी मानी जाती थी। इस घटना के बाबत जिले के एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है वहीं स्थानीय मीडिया के मुताबिक पूर्व विधायक के समर्थकों का विरोध जारी है।


इस घटना के बाद सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा,”पुलिस की उपस्थिति में आज दिनदहाड़े लखीमपुर में तीन बार के विधायक रहे श्री निर्वेन्द्र मुन्ना जी की निर्मम हत्या व उनके पुत्र पर हुए क़ातिलाना हमले से प्रदेश हिल गया है। श्रद्धांजलि! भाजपा राज में प्रदेश की जनता क़ानून-व्यवस्था के विषय पर चिंतित ही नहीं, भयभीत भी है। निंदनीय!”

मायावती ने अपने ट्वीट में योगी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा,”यूपी लखीमपुर खीरी के पूर्व विधायक श्री निर्वेन्द्र कुमार मिश्र उर्फ मुन्ना की निर्मम हत्या व इसी जिले में छात्रा की दुष्कर्म के बाद फन्दा लगाकर की गई हत्या की घटनायें अति-दुःखद व चिन्ताजनक। सरकार दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई करे जिससे ऐसी दर्दनाक घटनायें प्रदेश में रूकें।”