सुशांत सिंह राजपूत मामले में हर दिन हो रहे एक नए खुलासे ने इस केस को सुलझाने की बजाए उलझाने का काम ज्यादा किया है ऐसा लग रहा है। अभिनेता की मौत के बाद से अभी तक लगातार नए सवाल, नए किरदार, नए संशय, नए शक और नए बवाल के बीच सीबीआई की टीम धीरे धीरे इन्हें सुलझाने की कोशिश में लगी है। इन सब बातों के बीच यह स्पष्ट है कि जितना आसान यह केस  शुरुआत में बताया गया और सिर्फ आत्महत्या के एंगल पर बात हुई यह उतना आसान नही है। बल्कि इसमें और भी कई राज और एंगल मौजूद हैं।


इसी क्रम में अब मानवाधिकार आयोग ने मुम्बई पुलिस और कूपर अस्पताल को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन बातों के सामने आने के बाद जारी किया गया है जिसमे पता लगा था कि सुशांत के पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को देखने के लिए रिया अस्पताल की मोर्चरी में गईं थी। नियमतः शव के पास मोर्चरी में केवल जिनका मृतक से ब्लड रिलेशन है वही जा सकते हैं। मानवाधिकार आयोग ने अपने नोटिस में पूछा है कि आखिर रिया किस अधिकार से वहां गईं और किस नियम के तहत उन्हें शव दिखाया गया?


इस केस में दूसरा नया और बड़ा एंगल ड्रग्स का है। सबसे पहले सुब्रमण्यम स्वामी ने इस बात को उठाया और अब रिया के व्हाट्सएप्प चैट में हुए ड्रग्स के खुलासे ने इस केस को एक और अनजान मोड़ पर ला खड़ा किया है। अभी तक पैसे और आपसी विवाद सहित नेपोटिज्म के एंगल से जांच कर रही पुलिस और बाद में सीबीआई के लिए यह एक नई कहानी है। पुलिस अब इस बारे में सुशांत के सहयोगियों से पूछताछ की तैयारी में है। इन सब विवादों के बीच हालांकि रिया के वकील ने इतना जरूर कहा कि रिया ड्रग्स नही लेती और ब्लड टेस्ट कराया जा सकता है। अब देखना है आगे क्या कुछ सामने आता है।