कांग्रेस में एक चिट्ठी की वजह से इन दिनों उथल पुथल का माहौल है। ऐसा लग रहा था कि वरिष्ठ नेताओं की इस मांग पर शायद सकारात्मक प्रतिक्रिया आएगी और पार्टी को अपना पूर्णकालिक अध्यक्ष मिल जाएगा। हालांकि हुआ इसके बिल्कुल उलट और अब कांग्रेस में ही दो फाड़ होता नजर आ रहा है। यजी सारा विवाद आज कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में तब सामने आया जब राहुल गांधी ने चिट्ठी लिखने वाले नेताओं पर आरोप लगा दिया कि इनकी बीजेपी से सांठगांठ है।


राहुल के इस आरोप से बौखलाए नेताओं ने जवाबी हमला भी बोल दिया है। जहां गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर बीजेपी से सांठगांठ की बात साबित हो गई तो पार्टी छोड़ दूंगा वहीं कपिल सिब्बल ने इस बयान पर हैरानी जताई है। हालांकि बाद में इस सारे विवाद को सुलझाने की कोशिश की गई और कपिल सिब्बल ने अपना ट्वीट हटा लिया। उन्होंने सफाई दी कि राहुल गांधी ने खुद उनसे बात कि और कहा कि ऐसा कोई बयान उन्होंने नही दिया है। रणदीप सुरजेवाला ने भी राहुल का बचाव करते हुए यही बात दोहराई।


इन खबरों के बीच यह स्पष्ट है कि कांग्रेस का एक धड़ा ऐसा है जो सोनिया को अध्यक्ष रहते देखना चाहता है वहीं कल जिस तरह से दिन भर एक के बाद एक राज्य कमिटियों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष पद संभालने का अनुरोध किया उससे यह साफ है कि गांधी परिवार के अंदर से, खास कर राहुल को अध्यक्ष बनाये जाने की जमीन फिर तैयार की जाने लगी थी। हालांकि इन सब के बीच लेटर बम और बयान पर बढ़े विवाद के बाद कहीं न कहीं यह स्पष्ट तौर पर दिख रहा कि कांग्रेस में एकमत तो कम से कम नही है और बदलाव की मांग के बीच आपसी कलह खुल कर सामने आ गई है। कांग्रेस इस कलह को किस तरह संभालेग और इसका क्या अंजाम होगा यह आने वाले कुछ घंटों या कुछ दिनों में शायद ज्यादा स्पष्ट हो पायेगा।