प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूँ तो एक ऐसी शख्सियत हैं जो अपने काम करने के तरीके, विरोधियों को जवाब देने और भाषण में शब्दों के बखूबी प्रयोग के लिए जाने जाते हैं लेकिन इन सब से परे राजनेता और पीएम नरेंद्र मोदी की एक और पहचान है और वह है एक लेखक की, आज तक शायद आप और हम इससे अंजान थे लेकिन आज जब पीएम की लिखी कविता सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यह साबित हो गया कि पीएम इसमें भी माहिर हैं और उनका जवाब नही है।

पीएम ने अपनी यह कविता एक वीडियो के साथ शेयर की। इस वीडियो में वह प्रधानमंत्री आवास में मौजूद मोर को दाना खिलाते दिख रहे हैं। इस दौरान कई तस्वीरें एक बाद एक फ़्लैश होती हैं। नीचे पीएम की कविता और ऊपर चलता यह वीडियो और उसके दृश्य किसी का भी मन मोह लेने को काफी हैं। इस वीडियो पर कई बड़े हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसी क्रम में पीयूष गोयल ने जहां इसे मनमोहक बताया वहीं कवि कुमार विश्वास ने एक मजेदार कैप्शन देते हुए वीडियो को शेयर किया। कुमार ने लिखा मने प्रधानमंत्री अपने ‘वि-पक्षियों’ को संकेत दे रहे हैं कि Once ‘मोर’।

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भोर भयो, बिन शोर, मन मोर, भयो विभोर, रग-रग है रंगा, नीला भूरा श्याम सुहाना, मनमोहक, मोर निराला। रंग है, पर राग नहीं, विराग का विश्वास यही, न चाह, न वाह, न आह, गूँजे घर-घर आज भी गान, जिये तो मुरली के साथ जाये तो मुरलीधर के ताज। जीवात्मा ही शिवात्मा, अंतर्मन की अनंत धारा मन मंदिर में उजियारा सारा, बिन वाद-विवाद, संवाद बिन सुर-स्वर, संदेश मोर चहकता मौन महकता।

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