कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की शिथिलता और खोते जनाधार के बीच कांग्रेस के 23 बड़े नेताओं ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिख बड़े और सार्थक परिवर्तन की मांग उठाई है। यह चिट्ठी ऐसे वक्त में सामने आई है जब इसी महीने सोनिया गांधी का अध्यक्ष पद पर कार्यकाल पूरा हो रहा है, सोमवार को कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक है और पार्टी का एक धड़ा दुबारा राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग कर चुका है।


इस चिट्ठी में कांग्रेस के 5 मुख्यमंत्री रह चुके नेता शामिल हैं। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सूत्रों के मुताबिक पत्र में जोर दिया गया है कि कांग्रेस का पुनरुत्थान ‘एक राष्ट्रीय अनिवार्यता’ है, जो लोकतंत्र के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, और यह बताता है कि पार्टी में उस समय गिरावट दिख रही है जब पार्टी को आजादी के बाद राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर कड़ी चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि बीजेपी का कैसे उत्थान हुआ और युवा कैसे उसका समर्थन कर रहे हैं, ये भी चर्चा का विषय है।पत्र में ब्लॉक स्तर से लेकर सीडब्ल्यूसी तक सभी स्तरों पर संगठनात्मक बदलावों की मांग की गई है।पत्र में सीडब्ल्यूसी की तीखी टिप्पणी की गई है और कहा गया है कि यह कैसे अपनी भूमिका सही से नहीं निभा पा रही है। बैठकें दुर्लभ हो गई हैं और राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रियाएं काफी देरी से आती हैं।कुल मिलाकर पत्र में यह कहा गया है कि सीडब्ल्यूसी मुसीबत के समय पार्टी का मार्गदर्शन करने में असमर्थ रही है।