लद्दाख की गलवान वैली में भारत और चीनी सैनिकों में हुई झड़प के बाद से ही चीनी सामान और एप्प पर प्रतिबंध और उसके बहिष्कार की मांग तेज हो गई थी। इस मांग को देखते हुए सरकार ने भी एक के बाद एक कई फैसले लिए। 59 चीनी एप्प को बैन कर दिया गया। कई वस्तुओं के आयात पर रोक लगा दी गई और यहां तक कि ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी यह कहा गया कि आप वस्तुओं के बारे में जानकारी सार्वजनिक करें कि कहीं वह मेड इन चाइना तो नही है?


इन सब से बहुत हद तक असर देखने को मिला और चीन को आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका लगा। अब कई कंपनियां जहां चीन छोड़ने तक पर विचार कर रहीं हैं वहीं भारत के बाद अमेरिका ने भी चीन को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर रखा है। हालांकि कुछ कंपनियां ऐसी हैं जो बहिष्कार या नुकसान के डर से झांसा देकर सामान बेचने की जुगत में लगी है। ऐसा कैसे है? 


दरअसल अभी तक हम कोई भी वस्तु मेड इन इंडिया या मेड इन चीन/चाइना देख कर खरीदते थे लेकिन मेड इन चीन/चाइना के खिलाफ बुलंद हुई आवाज़ और इनके बहिष्कार के मद्देनजर अब कंपनियों ने इसमें बदलाव करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इयरफ़ोन से संबंधित अलग अलग प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी boat ने अपने प्रोडक्ट के पीछे मेड इन पीआरसी लिखना शुरू कर दिया है।


पीआरसी का मतलब है पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, ऐसे में शब्द के खेल द्वारा इसे झांसा देना कह सकते हैं क्योंकि भारत की एक बड़ी आबादी मेड इन चाइना की आदि थी और इसकी विरोधी भी लेकिन पीआरसी नया शब्द है और इसके बारे में कम जानकारी है।

इस बारे में हालांकि सफाई देते हुए boat ने अपने एक बयान में कहा कि हम भारत का पैसा भारत मे ही प्रयोग कर रहे। हम नए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे और 325 से ज्यादा सामान यहीं बनाये जाते हैं। यह कुछ डिज़ाइन मात्र है जो चीन में बनाई गई।