आगरा के मलपुरा के न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित रायभा टोल प्लाजा के पास से एक बस को हाईजैक करने का तथाकथित मामला सामने आया।हालाँकि यह दावा थोड़ी ही देर में ख़ारिज हो गया और अब पुलिस ने बताया है कि यह बस हाईजैक नहीं हुई थी बल्कि फाइनेंसर किश्त न जमा करने की वजह से बस को ले गए थे। बस में कुल 34 यात्री सवार थे। बस गुरुग्राम से मध्यप्रदेश के पन्ना जा रही थी।

बस के ड्राइवर ने बताया कि, कार सवार कुछ लोगों ने तड़के 4:00 बजे बस का पीछा करके रुकवाया। उन्होंने  खुद को फाइनेंस कर्मी बताया था। बस को रोकने के बाद उन्होंने इसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद बस को लेकर आगे बढ़ गए। रास्ते में एक ढाबे पर बस को रोका और सभी सवारियों के पैसे वापस करवाये। खाना भी खिलाया। 

इसके बाद उन्होंने एत्मादपुर क्षेत्र में चालक को उतार दिया। चालक ने मलपुरा थाने आकर पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी के बाद हड़कंप मच गया। हालाँकि बस झांसी के पास मिली है लेकिन अभी आधिकारिक पुष्टि नही हो सकी हैं।