बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज होने के साथ ही दल बदलने, रूठने-मनाने की शुरुआत हो गई है। इसी क्रम में आज जदयू के बड़े दलित नेता श्याम रजक के पार्टी छोड़ने की अटकलें लगती रहीं। माना जा रहा था कि वह 17 को इस्तीफा दे सकते हैं। ज्ञात हो कि वह नीतीश कैबिनेट में उद्योग मंत्री थे। उनके जदयू छोड़ने का कारण पार्टी में उनकी उपेक्षा को माना जा रहा था।

आपको बता दें कि श्याम रजक के इस्तीफा देने और आरजेडी जॉइन करने की खबरों के बीच जदयू ने एक चिट्ठी जारी कर उन्हें पार्टी से निष्काषित करने की घोषणा की है। जदयू की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि श्याम रजक पार्टी विरोधी गतिविधियों में थे और यह अनुशासनहीनता है। यह पत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से जारी किया है।

इस चिट्ठी के आने के बाद अब यह तय हो गया है कि श्याम रजक आरजेडी में घर वापसी करेंगे। एक समय वह लालू के करीबी थे और राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री रहते वह मंत्री भी रहे थे। हालांकि 2009 में उन्होंने आरजेडी छोड़ जदयू के दामन थाम लिया था। खबरों के मुताबिक श्याम रजक के अलावा नीतीश के एक और मंत्री आने वाले एक दो दिनों में इस्तीफा का ऐलान कर सकते हैं। कुल मिलाकर देखें तो यह नीतीश कुमार के लिए बड़ा झटका और आरजेडी के लिए घर बैठे मिली सौगात जैसा है।